रोग और उपचार

Blood Clots: आइए जानते हैं ब्लड क्लॉट्स क्या होता है

Blood Clots: खून का थक्का जमने की समस्या किसी को भी हो सकती है। ब्लड क्लॉटिंग या खून का थक्का जमने से संबंधित विकार एक ऐसी परिस्थिति है जिसमें शरीर के अंदर मौजूद नसों या रक्त वाहिकाओं के अंदर ही खून का थक्का जमने लगता है। ब्लड क्लॉटिंग का मतलब है शरीर में खून का एक जगह जम कर इकट्ठा हो जाना।
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Updated: 22 Nov 2021, 4:46 PM IST
Blood Clots: आइए जानते हैं ब्लड क्लॉट्स क्या होता है
What are Blood Clots?

नई दिल्ली। Blood Clots: खून का थक्का जमने की समस्या किसी को भी हो सकती है। ब्लड क्लॉट यानि खून का थक्का होने पर खून तरल पदार्थ से एक जेल में बदलने लगता है जिसका स्वरूप एक थक्के जैसा होता है। इसे थ्रोम्बोसिस भी कहते हैं। चोट या कहीं कट लग जाने की स्थिति में ब्लड क्लॉटिंग जरूरी होती है क्योंकि ये शरीर से ज्यादा खून निकलने से रोकता है, लेकिन जब ये क्लॉटिंग शरीर के अंदर नसों में होने लगती है तो खतरनाक बन जाती है। इस तरह का खून का थक्का हमेशा ही अपने आप या प्राकृतिक रूप से घुलकर वापस खून में परिवर्तित नहीं होता। इस तरह की स्थिति बेहद खतरनाक और कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है।

खून का थक्का जमने से संबंधित विकार 2 तरह का होता है। पहला- जिसमें लगातार खून बहना जारी रहता है और खून का थक्का नहीं जमता और दूसरा- अप्रत्याशित तरीके से खून का थक्का जमना या थ्रॉम्बोसिस की समस्या जो आपकी नसों या धमनियों में हो सकती है। खून का थक्का पूर्ण रूप से आपकी रक्त वाहिकाओं को ब्लॉक कर सकता है, जिसके कारण शरीर में गंभीर परेशानियां खड़ी हो सकती है। ब्रेन में हुई ब्लड क्लॉटिंग को स्ट्रोक भी कहते हैं। ब्रेन की ब्लड क्लॉटिंग की वजह से अचानक और तेज सिरदर्द हो सकता है।

ब्लड क्लॉट के लक्षण :

विभिन्न ब्लड क्लॉट के अलग-अलग लक्षण होते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि थक्का कहां बना है और इसका आकार क्या है। ब्लड क्लॉट के लक्षण शरीर में दिखने लगते हैं। थ्रोबिंग या ऐंठन, दर्द, सूजन, हाथ-पैरों में लालिमा आ जाना, अचानक सांस फूलना, तेज सीने में दर्द और खांसी या खांसी में खून आना इसके लक्षण हो सकते हैं। ब्रेन की ब्लड क्लॉटिंग की वजह से अचानक और तेज सिरदर्द हो सकता है, लकवा और कई दूसरे लक्षण भी दिखाई देते हैं। पैर में खून के थक्के के कारण पैर में सूजन आ सकती है, जिससे यह दूसरे पैर से काफी बड़ा हो जाता है और यह डीवीटी का संकेत हो सकता है। यदि कोरोनरी धमनी में रक्त का थक्का बन जाता है, तो दिल के दौरे के लक्षण छाती या बाहों में जकड़न, चक्कर आना हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
22 Nov 2021, 4:46 PM IST
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