
National cancer awareness Day: कैंसर के इलाज के बाद रोगी को मानसिक और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने व सही डाइट लेने की जरूरत होती है। ऐसे में तली-भुनी चीजें, जंकफूड खाने और धूम्रपान व शराब की लत से दूरी बनाने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं कैंसर के इलाज ले चुके राेगियाें काे आगे किन बाताें का ध्यान रखना जरूरी है:-
फॉलोअप है जरूरी
रोग ठीक हुआ या नहीं या इलाज के बाद यह दोबारा तो नहीं होगा। पता करने के लिए इलाज के बाद के पहले पांच साल अहम हैं। ऐसे में रोग संबंधी जटिलताओं, हार्मोन्स में गड़बड़ी, मानसिक-सामाजिक जुड़ाव पर नजर रखने व शारीरिक विकास को ध्यान में रखते हैं। रोगी को फॉलोअप में रहने, रक्त व थायरॉइड हार्मोन जैसी जांचें नियमित कराने व शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की सलाह देते हैं।
कई प्रकार में दवाएं जारी
ज्यादातर कैंसर के इलाज के बाद रोगी को दवा नहीं लेनी पड़ती। लेकिन ब्रेस्ट कैंसर में कोशिका की जगह और ब्लड कैंसर आदि में दवाएं 10-15 साल या ताउम्र लेनी पड़ती हैं। कैंसर के प्रकार व स्थान पर तय होता है कि रोगी दवा लेगा या नहीं।
लक्षणों पर बनाए रखें नजर
वैसे तो इलाज के बाद रोगी को कोई तकलीफ नहीं होती। लेकिन विशेषज्ञ मरीज को सेहत पर नजर बनाए रखने की सलाह देते हैं ताकि कोई भी बदलाव होने पर तुरंत संपर्क कर सके। इसमें अचानक वजन घटना, लंबे समय तक बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस फूलना, भूख कम लगना शामिल हैं जो इलाज के बावजूद रोग की वापसी की आशंका में दिखते हैं।
खानपान में सतर्कता जरूरी
डाइट में विटामिन-सी (मौसमी, अंगूर) व डी (दूध, दही आदि) लें और धूप में बैठें। नियमित शारीरिक व्यायाम करें।