रोग और उपचार

World Haemophilia Day: हीमोफिलिया एक वंशानुगत बीमारी, जिससे ज्यादातर लाेग रहते हैं अनजान

World Haemophilia Day: हर साल 17 अप्रैल को हीमोफीलिया दिवस मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य लोगों में हीमोफिलिया और इसी तरह के अन्य रक्तस्राव विकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। हीमोफिलिया एक रक्त विकार है जिसमें रक्त ठीक से नहीं जमता है...

less than 1 minute read
Apr 16, 2020
World Haemophilia Day: know symptoms and risk factors
World Haemophilia Day: हीमोफिलिया एक वंशानुगत बीमारी, जिससे ज्यादातर लाेग रहते हैं अनजान

World Haemophilia Day in Hindi: हर साल 17 अप्रैल को हीमोफिलिया दिवस मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य लोगों में हीमोफिलिया और इसी तरह के अन्य रक्तस्राव विकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। हीमोफिलिया एक रक्त विकार है जिसमें रक्त ठीक से नहीं जमता है। जागरूकता की कमी की वजह से कई लोग इस समस्या से अनजान रहते हैं। इस बार हीमोफिलिया दिवस की थीम “Get+involved” रखी गई है।


इतिहास ( World Haemophilia Day History )

विश्व हीमोफिलिया दिवस की शुरुआत वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफिलिया ने 1989 में 17 अप्रैल को की थी, जो कि वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफिलिया के संस्थापक फ्रैंक श्नेबेल की जयंती है।

10 वीं शताब्दी में हीमोफिलिया के बारे में लोगों को जानकारी हुई। जिसमें लोग छोटी चोट से पीड़ित होने पर भी मौत के मुंह में चले जाते हैं। 1803 में फिलाडेल्फिया के डॉ जॉन कॉनराड ओटो ने ब्लीडर्स कहे जाने वाले लोगों की जांच शुरू की, और यह निर्धारित किया कि यह एक वंशानुगत बीमारी थी जो पुरुष बच्चों द्वारा उनकी माताओं द्वारा पारित की गई थी।

हीमोफिलिया पीड़ित लोगों के लक्षण ( Haemophilia symptoms )

1) नाक से खून बहना , जो लम्बे समय तक नहीं रूकता।

2) मसूढ़ों से खून आना।

3) आंतरिक रक्तस्राव के कारण जोड़ों में दर्द।

जिन लोगों को हीमोफिलिया होता है उनके साथ हमेशा ऐसा जोखिम होता है कि खोपड़ी के अंदर खून बह सकता है, इसके लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

1) गंभीर सिरदर्द

२) उल्टी होना

3) कठोर गर्दन

4) मानसिक भ्रम

5) दोहरी दृष्टि

6) संतुलन की कमी

Published on:
16 Apr 2020 11:17 pm