रोग और उपचार

Year Ender Health 2018 – इस साल इन बीमारियों ने किया सबसे ज्यादा परेशान

साल 2018 में कई खतरनाक बीमारियां भारत समेत दुनियाभर में सामने आईं। आइये जानते हैं इन बीमारियों के बारे में।
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Dec 28, 2018
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साल 2018 में कई खतरनाक बीमारियां भारत समेत दुनियाभर में सामने आईं। आइये जानते हैं इन बीमारियों के बारे में।

साल 2018 में कई नई और गंभीर बीमारियों ने परेशान किया। इन बीमारियों के कारण कई मौतें भी हुईं। साल 2018 में कई खतरनाक बीमारियां भारत समेत दुनियाभर में सामने आईं। आइये जानते हैं इन बीमारियों के बारे में।

निपाह वायरस -

दुनिया के अन्य देशों के अलावा भारत में भी निपाह वायरस के मरीज सामने आए। भारत में निपाह वायरस से पीड़ित कई मरीज केरल, कर्नाटक, हिमाचल और मध्य प्रदेश राज्य में डायग्नोस हुए। निपाह चमगादड़ से फैलने वाली बीमारी है। इस बीमारी के कारण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर कई राज्यों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। निपाह वायरस को NiV इंफेक्शन भी कहा जाता है। इस बीमारी में मरीज को सांस लेने में तकलीफ, तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर और बेहोशी जैसी समस्या होती है। समय पर उचित इलाज न मिले तो मरीज की मौत भी हो सकती है।

जीका -

भारत में इस साल जीका से जुड़े कई मामले सामने आए। भारत समेत दुनियाभर में जीका वायरस की चेपट में कई प्रेग्नेंट महिलाए और नवजात शिशु आए। जीका मच्छर से फैलने वाला एक किस्म का वायरल इंफेक्शन है, इस वायरस की चपेट में आने वाले मरीजों में बुखार, रैश, जोड़ों में दर्द, आंखों में लाली होने जैसी समस्याएं होती हैं। इस वायरस की चपेट में अगर कोई गर्भवती महिला आ जाए तो भ्रूण में माईक्रोस्फैली या नवजात के मस्तिष्क का आकार छोटा होने जैसी समस्याएं हो सकती है।

डिप्‍थीरिया (गलघोंटू) -

देश की राजधानी दिल्‍ली में डिप्‍थीरिया (गलघोंटू) के कई मामले सामने आए। इस बीमारी के चपेट में आने से कई बच्चों की मौत भी हुई। अस्‍पताल में डिप्‍थीरिया सिरम न होने की वजह से बच्‍चों को टीका नहीं लग पाया जिससे बच्‍चों की मौत हुई। डिप्‍थीरिया को गलघोंटू नाम से भी जाना जाता है। यह कॉरीनेबैक्टेरियम डिफ्थीरिया बैक्टीरिया के इंफेक्शन से होता है। इसके बैक्‍टीरिया टांसिल व श्वास नली को संक्रमित करते हैं। इसके संक्रमण के कारण सांस लेने में रुकावट पैदा होती है और कुछ मामलों में तो मौत भी हो जाती है। यह बीमारी बच्‍चों को अधिक होती है।

चिकनगुनिया -

इस साल चिकनगुनिया के मरीज भी बहुत अधिक संख्या में सामने आए। एडिस मच्छर के काटने से होने वाली इस बीमारी से कई लोगों की मौत भी हुई। चिकनगुनिया बुखार में शरीर की हड्डियों, जोड़ों और शरीर के अंगों में असहनीय दर्द होता है। अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो इससे मरीज की मौत भी हो सकती है। चिकनगुनिया के प्रमुख लक्षणों में जोड़ों का दर्द, सूजन, सिर दर्द, आंखों में दर्द, अनिंद्रा, उल्टी होना, जी मिचलाना, भूख में कमी, त्वचा का खुश्क होना शामिल है।

डेंगू -

इस साल भारत में डेंगू मरीज बहुत ज्यादा संख्या मे सामने आए। भारत में साल 2018 में डेंगू के लगभग 10 हजार मामले दर्ज किए गए। डेंगू के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द के अलावा त्वचा में लाल रंग के रेशेज होने लगते हैं। कुछ मामलों में डेंगू के कारण शरीर के आंतरिक अंगों में रक्तस्राव होने लगता है। डेंगू से खून में ब्लड प्लेटलेट्स के स्तर में कम होने लगता है। सही समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण इससे मरीज की मौत भी हो जाती है।

Published on:
28 Dec 2018 05:10 pm