सीपीआर यानी"कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन"। यह कार्डियक अरेस्ट या किसी दुर्घटना में सांस न ले पाने की स्थिति में दी जाने वाली जीवन रक्षा की नॉन मेडिकल तकनीक है। कोई भी व्यक्ति सीपीआर सीखकर दूसरे की जान बचा सकता है।
सीपीआर यानी"कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन"। यह कार्डियक अरेस्ट या किसी दुर्घटना में सांस न ले पाने की स्थिति में दी जाने वाली जीवन रक्षा की नॉन मेडिकल तकनीक है। कोई भी व्यक्ति सीपीआर सीखकर दूसरे की जान बचा सकता है। हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, डूबने, सांस घुटने और करंट से बेहोशी वाले स्थिति में सीपीआर की जरूरत होती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचती और व्यक्ति की जान बच जाती है।
इसे कब दें
किसी भी दुर्घटना के बाद व्यक्ति बेहोश है, सांस रुकी या अनियमित है और उसकी नब्ज नहीं मिल रही है, तो हो सकता है उसके दिल ने काम करना बंद कर दिया हो। ऐसे में व्यक्ति को सीपीआर देने की जरूरत पड़ सकती है।
सीपीआर देने से पहले ये बातें रखें ध्यान
सबसे पहले देखें कि व्यक्ति होश में है या नहीं। होश में है तो इसकी जरूरत नहीं पड़ती है। बेहोश है तो उसके कंधे को हिलाकर ऊंची आवाज में पूछें कि क्या तुम ठीक हो? अगर जवाब नहीं दे रहा है तो तो किसी को एम्बुलेंस बुलाने के लिए कहें और खुद सीपीआर देना शुरू करें। अगर आप अकेले हैं और आपके पास फोन है, तो सीपीआर शुरू करने से पहले किसी से मदद मांगें या एम्बुलेंस बुला लें।
कैसे देते हैं सीपीआर
सीपीआर में व्यक्ति की छाती को दबाना और उसे मुंह से सांस देना होता है। पहले बेहोश व्यक्ति को समतल जगह पर पीठ के बल लिटा दें। उसके कंधों के पास घुटनों के बल बैठ जाएं। अपनी एक हाथ की हथेली को व्यक्ति की छाती के बीच में रखें। दूसरे हाथ की हथेली को पहले हाथ की हथेली के ऊपर रखें। कोहनी को सीधा रखें, कंधों को व्यक्ति की छाती के ऊपर सिधाई में रखें। अपने ऊपर के शरीर के वजन का इस्तेमाल करते हुए व्यक्ति की छाती को 2 से 2.5 इंच (5-6 सेमी) के बीच तक दबाएं और छोड़ें। एक मिनट में 100 से 120 बार ऐसा करें। बीच-बीच में मुंह से सांस भी देते रहें।
30 बार दबाने के बाद दो बार सांस दें
हर 30 बार चेस्ट को दबाने के बाद आठ सेकंड में दो बार मुंह से सांस देना होता है। अगर मुंह बुरी तरह से घायल है, सांस नहीं दे सकते हैं तो नाक से भी सांस दें। सांस देते समय व्यक्ति की ठोढ़ी ऊपर उठाएं और मुंह से सांस देने से पहले व्यक्ति की नाक को बंद कर दें।
सीपीआर नहीं आता है तो क्या करें?
अगर कहीं दुर्घटना हो गई है और सीपीआर देना नहीं आता है, तो सबसे पहले आसपास के लोगों से मदद मांगें। इमरजेंसी नंबर 102 पर फोनकर एंबुलेंस बुलाएं। सीपीआर नहीं आता है और व्यक्ति पूरी तरह से बेहोश है तो अपने हाथों से घायल के छाती के बीचों-बीच बार दबाते रहें।