
Air Pollution: वायु प्रदूषण के तत्काल प्रभावों को नजरअंदाज करना मुश्किल है। पनीली आँखें, खाँसी और साँस लेने में कठिनाई वायु प्रदूषण की तीव्र और आम प्रतिक्रियाएं हैं।दुनिया की अनुमानित 92 प्रतिशत आबादी वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तरों वाले क्षेत्रों में रहती है और यहाँ तक जहां इसका स्तर सीमित है वहां भी वायु प्रदूषण से हृदयघात और समय से पहले मौत का खतरा बढ़ सकता है।
वायु प्रदूषण लगभग तंबाकू जितना घातक है, इसकी पहली सांस ही आपकाे नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है। वाशिंगटन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन के अनुसार, 2016 में, यह 6.1 मिलियन लोगों की मौत का कारण बना।
बच्चाें के लिए गंभीर
गर्भावस्था के दौरान वायु प्रदूषण के उच्च स्तर गर्भपात के साथ-साथ समय से पहले जन्म, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार और बच्चों में अस्थमा के जोखिम में बढ़ाेत्तरी के लिए जिम्मेदार है। यह बच्चों के मस्तिष्क के विकास को नुकसान पहुंचा सकता है, और निमोनिया, जो हर साल 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 1 मिलियन बच्चों माैत का कारण है, इससे जुड़ा है। जो बच्चे उच्च स्तर के प्रदूषकों में सांस लेते हैं, वे भी अल्पकालिक श्वसन संक्रमण और फेफड़ों की क्षति जैसी अधिक समस्याआें का सामना करते हैं।
दिल के लिए खतरा
वायु प्रदूषण का उच्च स्तर क्रोनिक ब्रोंकाइटिस के साथ फेफड़ों के कैंसर के लिए भी जिम्मेदार है। इसके जरिए प्रदूषक धमनियों को सख्त करके हृदय के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं और दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। हाल ही में इस बात के सबूत भी मिले हैं कि वायु प्रदूषण मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों और अपक्षयी मस्तिष्क रोगों जैसे अल्जाइमर रोग, पार्किंसंस रोग और सिज़ोफ्रेनिया के लिए भी जिम्मेदार है।