खाद्य सुरक्षा कानून का उल्लंघन, डीलर की लाभुकों से मारपीट

लाभुक का कहना था कि सरकार ने 25 किलो तय किया है और डीलर द्वारा साढे बाईस किलो दिया जा रहा था।

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Sep 26, 2016
doctor beaten
दुमका। झारखंड में खाद्य सुरक्षा कानून लागू तो किया गया है लेकिन गरीबों को सरकारी राशन सही रुप से मिल सके इसका कोई इंतजाम नहीं है। पलामू में सरकार द्वारा निर्धारित राशन की मांग करने पर डीलर लाभुकों के साथ मारपीट पर उतारु हो जाते हैं।

ताजा मामला चैनपुर प्रखंड का है, जहां चैनपुर प्रखंड के करसो गांव के शान्ति स्वयंसहायता समूह डीलर से जब लाभुक ने नियमानुसार राशन की मांग की तो वह झगड़े पर उतारु हो गया। डीलर के पति ने लाभुक की पिटाई कर दी। लाभुक का कहना था कि सरकार ने 25 किलो तय किया है और डीलर द्वारा साढे बाईस किलो दिया जा रहा था।

पूरा राशन मांगने पर पिटाई की गई है। गांव के चौपाल में जब इस मसले पर पंचायत बैठी तो कई दूसरों के दर्द सामने आए।
पंचायत में बैठे ग्रामीण रामवृक्ष ने भी जानकारी दी कि 25 किलो राशन की जगह उन्हें महज साढे बाईस किलो अनाज मिल
रहा था।

वहीं आरोपी डीलर के पति भी स्वीकार कर रहा है कि राशन 25 किलो के जगह साढे बाईस किलो दिया जा रहा था। पलामू में
राशन की कालाबाजारी हो रही है और नहीं मिलने की शिकायत लेकर कई बार कई प्रखंड के ग्रामीण ने डीसी कार्यालय का घेराव किया है।

इस करसो गांव में आरोपी डीलर पर भी लाभुकों की शिकायत है कि राशन कई माह नही मिलता है।
Published on:
26 Sept 2016 12:07 pm
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