डूंगरपुर

होली पर अनूठी परंपरा: राजस्थान में यहां श्रद्धालु दहकते अंगारों पर नंगे पांव चले, मांगी मन्नत

डूंगरपुर जिले के कोकापुर गांव में होली पर ग्रामीणों ने दहकते हुए अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी भक्ति का प्रमाण दिया। सदियों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा ने इस वर्ष भी हजारों लोग साक्षी बने।

less than 1 minute read
फोटो पत्रिका

डूंगरपुर। जिले के कोकापुर गांव में होली पर ग्रामीणों ने दहकते हुए अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी भक्ति का प्रमाण दिया। सदियों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा ने इस वर्ष भी हजारों लोग साक्षी बने।

जानकारी के अनुसार कोकापुर गांव में ढोल-नगाड़ों की थाप पर अंगारों पर चलने वाले ग्रामीणों ने सर्वप्रथम स्नान किया और पारंपरिक वेशभूषा धारण की। इसके पश्चात उन्होंने हनुमान मंदिर एवं शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना की। मंदिर में दर्शन के पश्चात, ग्राम पंचायत और समाज की ओर से सभी श्रद्धालुओं को ''श्रीफल'' (नारियल) भेंट कर सम्मानित किया गया।

जयकारों के बीच अंगारों से गुजरे श्रद्धालु

मुख्य आयोजन स्थल होली चौक पर विशाल गड्ढे में लकड़ियों को जलाकर धधकते हुए अंगारों की एक लंबी क्यारी तैयार की गई थी। हवा के झोंकों के साथ उड़ती चिनगारियां और उठती भीषण लपटें साफ बता रही थीं कि मार्ग कितना कठिन है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं ने होली माता की प्रदक्षिणा की और विधि-विधान से श्रीफल अर्पित किया। इसके पश्चात, होली माता की जय के गगनभेदी उद्घोष के बीच, दाहिना पैर आगे बढ़ाते हुए एक-एक कर श्रद्धालु उन दहकते अंगारों के बीच से इस प्रकार निकले जैसे वे फूलों की क्यारी पर चल रहे हों।

इस वर्ष लगभग 20 से 25 ग्रामीणों ने धधकते अंगारों पर चलकर अपनी मन्नत पूरी की और पूर्वजों की इस विरासत को जीवंत रखा। इनमें कानजी डेंडोर भगत, रमेश कानजी डेंडोर, शिवराम वालजी पाटीदार, मनोज हेंगजी पाटीदार, मगन प्रताप पाटीदार, रमण खेमजी पाटीदार, भवानीशंकर सुथार, युवाओं में चिराग मगन पाटीदार, नयन पाटीदार , साहिलपुरी गोस्वामी , डायालाल पाटीदार , रमेशचंद पाटीदार, रोहित प्रताप पाटीदार, रौनक पाटीदार , और ध्रुव लोकेश उपाध्याय आदि शामिल रहे।

Published on:
04 Mar 2026 05:34 pm
Also Read
View All

अगली खबर