
प्रतीकात्मक फोटो - AI
Dungarpur : खगोल प्रेमियों के लिए शनिवार की शाम बेहद खास होने वाली है। सूर्यास्त के बाद आकाश में एक साथ छह ग्रहों का दुर्लभ जमावड़ा दिखाई देगा। खगोलीय गणनाओं के अनुसार, यह दृश्य न केवल अद्भुत है, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य और खगोल मामलों के जानकार पंडित युगल किशोर व्यास ने बताया कि शनिवार शाम करीब 6.30 बजे से रात 8 बजे तक आकाश में पश्चिम-दक्षिण दिशा की ओर बुध, गुरु, शुक्र, शनि, यूरेनस और नेप्चून ग्रह दिखाई देंगे।
इस नजारे को देखने के लिए आसमान का साफ होना और प्रदूषण/बादल रहित होना अनिवार्य है। बुध, शुक्र, शनि और गुरु को नग्न आंखों से देखा जा सकता है, लेकिन यूरेनस और नेप्चून को स्पष्ट रूप से देखने के लिए टेलिस्कोप या अच्छी दूरबीन की आवश्यकता हो सकती है।
पंडित युगल किशोर व्यास ने बताया के अनुसार, सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा अलग-अलग गति और समय में करते हैं। परिक्रमा करते-करते जब ये ग्रह एक ही कतार में दिखाई देते हैं, तो इसे 'प्लैनेटरी एलाइनमेंट' कहा जाता है। ऐसा योग कई वर्षों के अंतराल के बाद बनता है।
उल्लेखनीय है कि सौरमंडल के प्रत्येक ग्रह का अपना सूर्य की परिक्रमा पूरी करने का समय अलग होता है। बुध मात्र 88 दिन, शुक्र 225 दिन, पृथ्वी लगभग 365 दिन, गुरु 433 दिन, शनि करीब 29.4 वर्ष का समय हैं।
Updated on:
28 Feb 2026, 2:33 PM IST
Published on:
28 Feb 2026, 2:33 PM IST
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