
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उनके कैबिनेट मंत्री जल संसाधन मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीया उनके विभाग की योजनाओं का सारा पैसा बांसवाड़ा ले जा रहे है। गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा कि मुझे इसे रोकना होगा। बाद में गहलोत ने हंसते हुए कहा कि बांसवाड़ा का पैसा बांसवाड़ा और डूंगरपुर का पैसा डूंगरपुर में जाए पैसा। चुटकी लेते हुए बोले कि मालवीया पूरे राज्य के मंत्री है सभी जिलों के लिए काम करना होगा। गहलोत ने मालवीया से कहा कि भीखाभाई नहर के लिए 100 करोड़ रुपए दिए है और मांगेंगे तो दे देंगे पर काम होना चाहिए ताकि जनता व किसानों को फायदा मिले।
बांसवाड़ा को इसलिए संभाग बनाया
गहलोत ने कहा कि वागड़ से मेरा शुरू से ही लगाव है, इसलिए ही तो मैने बांसवाड़ा को बिना मांगे ही संभाग बना दिया है। बोले इसमें मेरा वागड़ प्रेम झलक रहा है।
आदिवासी अंचल की बेटिया आइएएस व डाॅक्टर बनना चाहती
गहलोत ने कहा कि आदिवासी अंचल की बेटियां बदल रही है। वे बोले कि उदयपुर में हॉस्टल में इस अंचल की बेटियों से मै मिला तो वे फर्राटेदार अच्छे से अलग ही अंदाज बाते कर रही थी। उनकी बातों से आप सोच नहीं सकते की वे आदिवासी क्षेत्र से है। उनके आइएएस, डॉक्टर आदि बनने के सपने है। गहलोत ने कहा कि सभा में भी पुरुष से ज्यादा महिलाएं दिख रही है, समय बदल रहा है।
मैने 5 साल में 303 कॉलेज खोल दिए
गहलोत ने कहा कि आजादी के 70 सालों में 250 कॉलेज थे और मैने 5 साल में 303 कॉलेज खोल दिए है। बेटियों के लिए 130 कॉलेज। वे बोले रक्षाबंधन के दिन महिला मुखिया को स्मार्ट फोन देने का काम शुरू किया जाएगा, शुरूआत में 40 लाख महिलाओं को मोबाइल देंगे। वे बोले देने में मैने कोई कमी नहीं रखी है, एमएलए ने जो मांगा वह दिया है।