ग्रीष्मावकाश में शहर से सटे माण्ड़वा गांव के दस से बीस बच्चों की टोली सुबह शहर में पहुंचते है। विभिन्न मोहल्लों में घर तक पानी पहुंचाने का काम उन्हें एक दिन पहले ही बता दिया जाता है।
हरमेश टेलर
Dungarpur Samachar : डूंगरपुर. पहाड़ों की नगरी डूंगरपुर में भीषण गर्मी में पानी की बूंद-बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा हैं। हालात ऐसे है कि दूध, सब्जी, छाछ घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था के इतर अब पानी भी हैंडपंपों से घर की दहलीज तक पहुंचाने का नया काम शुरू हो गया है। इसके लिए बकायदा बच्चों की टोली जुटी हुई है। जो प्रति घड़ा पांच रुपए की दर से राशि लेकर हैंडपंप सहित अन्य जल स्त्रोतों से पानी भरकर घरों तक पहुंचा रही हैं।
दरअसल, ग्रीष्मावकाश में शहर से सटे माण्ड़वा गांव के दस से बीस बच्चों की टोली सुबह शहर में पहुंचते है। विभिन्न मोहल्लों में घर तक पानी पहुंचाने का काम उन्हें एक दिन पहले ही बता दिया जाता है। पानी की जरूरत के मुताबिक गृह स्वामी बच्चों को काम देते है, जिसके बाद घड़ा लेकर बच्चों की दौड़भाग शुरू हो जाती हैं। गृह स्वामी की ओर से दिए जाने वाले खाली घड़े-बाल्टी आदि बर्तनों की गिनती कर तय राशि बच्चों को दे दी जाती हैं।
आठवीं की परीक्षा दी
शहर के भीतरी मोहल्ले में काम कर रही एक बालिका ने बताया कि वो आठवीं कक्षा में अध्ययनरत है। अभी स्कूल में छुट्टियां है, ऐसे में शहर में आकर काम कर रही हूं।