Vande Bharat Express Train : वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन जैसे ही डूंगरपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची, जनसैलाब उमड़ पड़ा और स्टेशन वंदे मातरम के जयकारों से गूंज उठा। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की वजह से अब डूंगरपुर से गुजरात का सफर आसान हो गया है।
Vande Bharat Express Train : वागड़ अंचल के लिए ऐतिहासिक पल तब आया जब सोमवार दोपहर 2 बजे बहुप्रतीक्षित वंदे भारत एक्सप्रेस ने डूंगरपुर रेलवे स्टेशन पर दस्तक दी। ट्रेन के स्वागत के लिए स्टेशन पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा परिसर उत्सव के माहौल में डूब गया। करीब 6 मिनट ट्रेन रूकी। इस दौरान स्टेशन वंदे मातरम के जयकारों से गूंज उठा।
उद्घाटन समारोह में पक्ष-विपक्ष के प्रमुख नेता एक साथ नजर आए। बीएपी से डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत, भाजपा के उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल और बीएपी के नेता कांतिलाल रोत, रेलवे अधिकारी चंद्रशेखर आजाद सहित कई लोग मौजूद रहे।
स्टेशन अधीक्षक हरिराम मीणा और रेलवे अधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। लोको पायलट सुशील व्यास का अभिनंदन किया गया, जिसके बाद ट्रेन को असारवा के लिए रवाना किया गया। अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने वंदे भारत ट्रेन की विशेषताओं एवं सीट बुकिंग की जानकारी दी।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी तथा प्रत्येक मंगलवार को सेवा बंद रहेगी। वर्तमान में इसकी अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटा रखी गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर 160 किमी प्रति घंटा तक बढ़ाया जा सकता है। डूंगरपुर पहुंचने पर लोको पायलट सुशील व्यास का स्वागत किया गया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को असारवा के लिए रवाना किया।
उदयपुर सांसद मन्ना लाल रावत ने बताया कि अहमदाबाद कालुपुर रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद इस सेवा को सूरत तक विस्तारित करने की योजना है। भविष्य में मुंबई के लिए भी सेवा शुरू करने की संभावना जताई गई। फिलहाल ट्रेन असारवा से उदयपुर के बीच संचालित हो रही है।
वंदे भारत एक्सप्रेस की झलक पाने के लिए दोपहर 1 बजे से ही रेलवे स्टेशन पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। राउप्रावि रेलवे के विद्यार्थी, स्टाफ और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। ट्रेन के पहुंचते ही लोगों ने सेल्फी और वीडियो बनाने की होड़ लगा दी। कई यात्रियों ने कोच के भीतर जाकर सीटों पर बैठकर फोटो खिंचवाई। कुछ लोगों ने भारत माता के जयकारे भी लगाए, जिससे माहौल उत्सवमय हो गया।