नगर पालिक निगम स्वच्छता रैंकिंग की दौड़ में नंबर-वन बननेे खुले में शौच के विरुद्ध अब सख्ती बरतते हुए रोको-टोको अभियान शुरुआत करने जा रहा है। इसके तहत आयुक्त द्वारा गठित 12 टीम प्रतिदिन सुबह 5 बजे निगम क्षेत्र के चिन्हित खुले में शौच होने वाले 53 स्थलों की निगरानी करेंगे। खुले में शौच करते पकड़े जाने पर अब ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ नगर निगम पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाएगा।आयुक्त नरेन्द्र दुग्गा ने कहा है कि खुले में होने वाले शौच को रोकने निगम द्वारा जनजागरण के लिए नुक्कड़ नाटक किया जा रहा है।
सतत निगरानी के बाद भी शहर के 53 स्थलों को खुले में शौच होने वाले स्थलों के रुप में चिन्हित किया गया है। अब इन स्थलों पर शौच करते पाए जाने पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने उन स्थलों पर निगरानी के लिए अलग-अलग टीम का गठन किया है। टीमें खुले में शौच करने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें समझाइश देगी। खुले में शौच का कारण भी जानेंगे। घर में शौचालय होने के बाद भी अगर व्यक्ति बाहर खुले में शौच करते हुए पाया जाता है तो उनके खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई के साथ ही ऐसे लोगों की सूची तैयार कर संबंधित थाना में एफआईआर दर्ज भी करवाया जाएगा।
शौच के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र की मुनादी करेंगे
आयुक्त ने स्वास्थ्य अमले से कहा है कि उक्त सभी स्थलों की साफ सफाई कर चूने से लाइनिंग व ब्लीचिंग का छिड़काव करें। लाउड स्पीकर के माध्यम से भी लोगों को यह स्थल खुले शौच के लिए प्रतिबंधित है की सूचना का प्रसारण करने के भी निर्देश दिए। इसी तरह वार्ड-9 आर्य नगर कोहका पुरानी बस्ती में भी निगम 90 फीसदी घरों में शौचालय बना चुका है, लेकिन यहां शौचालय की उपयोग करने वालों की संख्या, निर्मित घरों के अनुपात में नहीं है।
अधिकारियों पर भड़के आयुक्त
आर्य नगर के लोग राजा गार्डन रोड, भेलवा तालाब के नीचे ओपन एरिया में शौच के लिए जाते हैं। आयुक्त दुग्गा अधिकारियों पर भड़के। सीधे कहा जो खुले में शौच करने से बाज नहीं आते उनका राशन पानी बंद करो। खुले में शौच करता कोई व्यक्ति अगर दिखा तो अधिकारियों पर होगी सीधी कार्रवाई होगी। हम शहर को ओडीएफ घोषित करने वाले हैं, इसलिए काम को गंभीरता से लें। निगरानी के कार्य में महिला टीम का भी गठन किया गया है। इस टीम में निगम की महिला कर्मचारियों के साथ ही संबंधित क्षेत्र की मितानिन तथा महिला समूह की सदस्य शामिल हैं। जबकि यहां की स्थिति लक्ष्मी नगर से बिलकुल अलग है। यहां लोगों के घरों पानी पहुंच की सुविधा है। इसके बावजूद लोगों की दिनचर्या नहीं बदली है।