शराबी बताकर रोका क्लेम, फोरम की फटकार के बाद देना होगा हर्जाना

बीमा कंपनी ने कहा शराब के नशे में गाड़ी चला रहा था इसलिए क्लेम नहीं दिया जाएगा। जिसे जिला उपभोक्ता फोरम ने खारिज कर क्लेम को  ब्याज के साथ देने का आदेश दिया।

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Oct 30, 2015
consumer court decision
दुर्ग.
सडक़ हादसे में मौत होने पर बीमा कंपनी ने कहा शराब के नशे में गाड़ी चला रहा था इसलिए क्लेम नहीं दिया जाएगा। जिसे जिला उपभोक्ता फोरम ने लिबर्टी जनरल इंश्योरेंस कंपनी के इस तर्क को खारिज कर मृतक की नामिनी उनकी विधवा पत्नी को क्लेम राशि 5 लाख रुपए 9 फीसदी ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। बीमा कंपनी 50 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए और 5 हजार रुपए वाद व्यय भी देगी।


पत्नी ने उपभोक्ता फोरम में की थी शिकायत

मामले में मृतक की पत्नी ने फोरम में परिवाद पेश कर दावा दुर्घटना राशि दिलवाने का आग्रह किया था। मृत्यु की सूचना और क्लेम राशि लेने की पूरी औपचारिकता के साथ उन्होंने बीमा कंपनी में क्लेम किया था। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने बचाव मे कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख था कि मृतक एलकोहल लिया हुआ था। बीमा प्रवधानों के मुताबिक आवेदन अस्वीकार किया गया। जिस पर उपभोक्ता फोरम ने ये फैसला सुनाया।
Published on:
30 Oct 2015 07:19 pm
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