अब गांव और शहर में चलेंगे रंग-बिरंगे ऑटो रिक्शे

जिले में चलने वाले ऑटो-रिक्शा की सूरत जल्द बदल जाएगी। परिवहन विभाग व यातायात पुलिस द्वारा इसके लिए पहल शुरू कर दी गई है।
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Updated: 20 Dec 2016, 7:34 PM IST
Now the village and city will run colorful auto ri
Now the village and city will run colorful auto rickshaw
दुर्ग
. जिले में चलने वाले ऑटो-रिक्शा की सूरत जल्द बदल जाएगी। परिवहन विभाग व यातायात पुलिस द्वारा इसके लिए पहल शुरू कर दी गई है। ऑटो-रिक्शा संचालन के लिए जिले को अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा। हर जोन के ऑटो का कलर अलग होगा। इसके अलावा ऑटो चालको की मनमानी पर रोक व यात्री सुविधा के नियम कायदे भी सख्त किए जाएंगे।


छत्तीसगढ़ आटो रिक्शा नीति-2016
राज्य शासन द्वारा इस संबध में छत्तीसगढ़ आटो रिक्शा नीति-2016 बनाई गई है। जिसके परिपालन में परिवहन विभाग व यातायात पुलिस द्वारा कवायद प्रारंभ की गई है। ऑटो-रिक्शा परिचालन के लिए कोई नियमावली न होने से आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जन सुविधा व सुरक्षा के उद्देश्य से प्राधिकरण द्वारा नई नियमावली को तैयार किया गया है।


शहर में काले-पीले और
और गांवों में
हरे नीले ऑटो

राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में जोनवार अलग-अलग रंगे के ऑटो संचालन के लिए कहा गया है। शहरी क्षेत्र में संचालित होने वाले ऑटो-रिक्शा का हुड काले रंग की और शेष बाड़ी पीले रंग की होगी। ग्रामीण क्षेत्र में संचालित ऑटो-रिक्शा का हुड हल्का हरा व बाड़ी नीले रंग की होगी।


10-12 साल पराने ऑटो नहीं चलेंगे
शहरी क्षेत्र में ऑटो-रिक्शा 10 वर्ष से अधिक पुराने तथा ग्रामीण क्षेत्र के ऑटो-रिक्शा 12 वर्ष से पुराने नहीं होंगे। इनका संचालन परमिट में निर्धारित क्षेत्र में ही किया जा सकेगा। चालक का लायसेंस व परमिट बिना पुलिस सत्यापन के जारी नहीं किया जाएगा।


कलक्टर-एसपी के नेतृत्व में समिति

प्राधिकरण द्वारा निर्धारित प्रावधानों के परिपालन के लिए स्थानीय ऑटो संचालन समिति गठित की गई है। समिति के अध्यक्ष कलक्टर, उपाध्यक्ष पुलिस अधीक्षक, सचिव जिला परिवहन अधिकारी तथा सदस्य के रुप में निगम आयुक्त, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी यातायात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑटो रिक्शा संघ प्रतिनिधि, कलक्टर द्वारा नामित परिवहन क्षेत्र में रुचि रखने वाला व्यक्ति शामिल होगा।


पॉर्किंग के साथ प्री-पेड बूथ
नए नियमों के तहत ऑटो रिक्शा संचालन के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर प्री-पेड बूथ बनाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही अलग-अलग जोन के हिसाब से ऑटो के लिए बस व रेलवे स्टेशन पर पर्किंग स्थल का निर्धारण करना होगा। इसके अलावा पार्किंग में ऑटो की अधिकतम संख्या भी निर्धारित करनी होगी।


तीन बार नियम तोड़ा तो लायसेंस रद्द

यातायात नियमों व परमिट की शर्तो का उल्लघंन किए जाने पर यातायात पुलिस द्वारा संबंधित ऑटो चालक के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। तीन बार नियमों का उल्लंघन किए जाने पर चालक का लायसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

ऑटो चालकों के लिए यह होगा अनिवार्य


मालिक-चालक का चरित्र सत्यापन
नियमावली में ऑटो मालिक व चालक का चरित्र सत्यापन परमिट प्राप्त करने के लिए अनिवार्य किया गया है। जिले में संचालित होने वाले ऑटो-रिक्शा के सुगम परिचालन व नियंत्रण के लिए राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा नियम-कायदे तय किए गए है।


मीटर के साथ मालिक और चालक के नाम भी

शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाले सभी ऑटो-रिक्शा में नापतौल विभाग से सत्यापित मीटर लगाना होगा। ऑटो का वैध फिटनेस बीमा होना अनिवार्य है। ऑटो के पीछे परमिट नंबर, आटो के सामने मालिक, चालक का नाम मोबाइल नंबर के साथ, ड्रायविंग लायसेंस नंबर अंकित करना अनिवार्य होगा।


जिले में चल रहे ढाई हजार ऑटो

परिवहन विभाग के अनुसार अभी जिले में करीब ढाई हजार ऑटो चल रहे हैं। इनमें से अधिकतर दुर्ग व भिलाई के मध्य संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुछ ऑटों की सुविधा है। अभी ऑटो संचालन नियम व दूरी को लेकर बाध्यता नहीं होने के कारण मनमानी की शिकायत रहती है।


शासन का निर्देश

एआरटीओ पुलक भट्टाचार्य ने बताया कि ऑटो रिक्शा नीति के संबंध में शासन का निर्देश आया है। इस संबंध में तैयारी की जा रही है। शासन के निर्देशों का पालन कराया जाएगा।

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