सतनामी समाज के धर्मगुरू की गिफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पुलिस से विवाद और अज्ञात लोगों द्वारा पत्थरबाजी के कारण सिटी कोतवाली रायपुर में दर्ज की गई थी। बलवा का मामला 7 माह पहले खत्म हो चुका है।
दुर्ग. पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल की संपत्ति पिछले 5 साल में 3 गुना बढ़ी है। 5 साल पहले यानि वर्ष 2013 में उनके पास 8 करोड़ 34 लाख की संपत्ति थी, यह अब बढ़कर 23 करोड़ हो गई है। इसके अलावा मंत्री राजेश मूणत के खिलाफ सीडी कांड पर सीबीआई कोर्ट में प्रकरण के अलावा उनके खिलाफ रायपुर न्यायालय में बलवा व शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला भी विचाराधीन है। यह मामला उनके खिलाफ 30 मई 2008 को सतनामी समाज के धर्मगुरू की गिफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पुलिस से विवाद और अज्ञात लोगों द्वारा पत्थरबाजी के कारण सिटी कोतवाली रायपुर में दर्ज की गई थी। हालांकि बलवा का मामला 7 माह पहले खत्म हो चुका है।
संपत्ति का ब्यौरा व न्यायालयीन प्रकरणों की जानकारी भी दी
भूपेश बघेल ने मंगलवार को बतौर पाटन के कांग्रेस प्रत्याशी नामांकन जमा कराया। इसमें उन्होंने संपत्ति का ब्यौरा व न्यायालयीन प्रकरणों की जानकारी भी दी है। इसके मुताबिक बघेल व उनकी पत्नी को मिलाकर इस समय 23 करोड़ 28 लाख 29 हजार रुपए की चल अचल संपत्ति है। बघेल के 8 बैंक खातों में 35 लाख 92 हजार 859 रुपए जमा है। वहीं पत्नी के नाम भी 9 बैंक खाते हैं, लेकिन इन खातों में केवल 2 लाख रुपए जमा है। बघेल व उनकी पत्नी के नाम कृषि उपयोग के लिए अलग-अलग ट्रेक्टर व चार पहिया वाहन भी है। बघेल के नाम भिलाई 3 और बेलौदी में 31 एकड़ और उनकी पत्नी के नाम 13 एकड़ जमीन है। ये जमीन उन्हें विरासत में मिली है। बघेल के नाम रायपुर में व पत्नी के नाम भिलाई 3 में मकान है।
पीसीसी अध्यक्ष पर 19 लाख का कर्ज
पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल पर 19 लाख रुपए का कर्ज भी है। यह कर्ज 4 अलग-अलग बैंकों में केसीसी ऋण के रूप में लिया गया है। इसी तरह बघेल की पत्नी पर भी 3 लाख 91 हजार 6 23 रुपए का कर्ज बकाया है।
जमीन-मकान की कीमतें हुई कई गुनी
बघेल की संपत्ति में यह बढ़ोतरी जमीन और मकान की कीमत बढऩे के कारण हुई है। पिछले 5 साल में बघेल की कृषि भूमि, प्लाट और जमीन 3 से 4 गुना तक बढ़ी है। बघेल की पत्नी निजी फर्म बघेल डेवलपर्स एंड एसोसिएट्स में भागीदार भी है।