दुर्ग

इस शख्स ने इतनी बड़ी गलती कर दी थी कि अब पूरा जीवन बीतेगा जेल में, पढि़ए पूरी खबर

न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने सजा सुनाते हए कहा कि आजीवन कारावास का आशय है दोषी को नैसर्गिक जीवन तक जेल में रहना होगा।
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Jun 29, 2018
Durg crime
इस शख्स ने इतनी बड़ी गलती कर दी थी कि अब पूरा जीवन बीतेगा जेल में

दुर्ग. नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में जामुल थाना क्षेत्र के आरोपी बसंत कुमार (३२ वर्ष) को आजीवन कारावास का सजा सुनाई गई। शुक्रवार को न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने सजा सुनाते हए कहा कि आजीवन कारावास का आशय है दोषी को नैसर्गिक जीवन तक जेल में रहना होगा। न्यायालय ने पॉस्को एक्ट के तहत तीन साल व घर में जबरन घुसने के लिए भी ३ साल की सजा सुनाई। उस पर १६ हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। प्रकरण के मुताबिक आरोपी ने अपने गांव की १६ साल की नाबालिग के साथ ३० जून २०१६ को दुष्कर्म किया था। तब नाबालिग अपने घर पर अकेली थी।

आरोपी घर में छुपा था मां ने दरवाजा बंद कर दिया
मां के घर आने पर पीडि़ता ने घटना की जानकारी दी। उसने अपनी मां को यह भी बताया कि आरोपी घर में छुपा हुआ है। पीडि़ता की मां ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और पीडि़ता को लेकर सरपंच के पास गई। जहां पर पीडि़ता के साथ हुए कृत्य का खुलासा किया गया। थोड़ी ही देर में पूरा गांव चौपाल पर एकत्रित हो गया।

चौपाल में आरोपी ने पीडि़ता से विवाह का प्रस्ताव रखा
घटना सार्वजनिक होने के बाद गांव के चौपाल में बैठक हुई। ग्रामीण स्तर पर हुई बैठक में आरोपी ने नाबालिग के साथ विवाह कर उसे पत्नी का दर्जा देने की बात कही। नाबालिग के परिजन ने यह कहते हुए आपत्ति की कि उनकी बेटी की उम्र १६ वर्ष है। वे विवाह के बारे में सोच नहीं सकते। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले किया गया।

नहीं मिली जमानत
घटना के बाद से आरोपी न्यायायिक अभिरक्षा में जेल में रहा। प्रकरण की सुनवाई के दौरान उसने जमानत पर रिहा करने की मांग करते आवेदन प्रस्तुत किया था,जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया।

सभी गवाहों ने घटना का समर्थन किया
अतिरिक्त लोक अभियोजक कमल वर्मा ने बताया कि इस प्रकरण में छह गवाह थे। सभी गवाहों ने घटना का समर्थन किया। न्यायालय ने गवाहों के बयान को सही ठहराते हुए फैसला पक्ष में सुनाया।

Published on:
29 Jun 2018 10:23 pm