यूरिन रोकने से ब्लैडर पर जोर पड़ता है, इससे शारीरिक प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं यूरिन रोकने से शरीर में मौजूद विषैले तत्व बाहर नहीं निकल पाते हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है
नई दिल्ली। कई बार ट्रैवल करते समय या दूसरे कामों में बिजी होने के कारण वॉशरूम नहीं जा पाते हैं। जिसके चलते उन्हें यूरिन रोककर रखनी पड़ती है। इससे वे न सिर्फ असहज महसूस करते हैं, बल्कि गंभीर बीमारियों का शिकार भी होते हैं। दरअसल ज्यादा देर तक यूरिन रोककर रखने से पेट दर्द समेत पथरी आदि की दिक्कत हो सकती है।
1.यूरिन के जरिए शरीर में मौजूद हानिकारक तत्व बाहर निकलते हैं। इस काम में गुर्दे सक्रिय होते हैं, लेकिन ज्यादा देर तक यूरिन रोकने से विषैले तत्व वापस गुर्दे तक पहुंच सकते हैं। इससे उनके डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है।
2.पेशाब रोकने से किडनी स्टोन की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। क्योंकि यूरीन में यूरिक एसिड और कैल्शियम ऑक्सालेट जैसे खनिज पाए जाते हैं। जो पथरी का कारण बनते हैं।
3.बार-बार यूरिन रोकने से युरेथ्रल स्पिन्च्टर (urethral sphincter) नामक मांसपेशी को नुकसान हो सकता है। ये यूरिन नली को ब्लॉक कर सकता है।
4.लगातार यूरिन को रोकने से मूत्राशय में खिंचाव आ सकता है। जिससे यूरिन की प्रक्रिया में अनियमितता आ सकती है।
5.देर तक यूरिन रोकने से पेट के नीचे हिस्से पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है। जिससे पेट दर्द की समस्या हो सकती है।
6.सही समय पर टॉयलेट न जाने से पेट की मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है। जिससे पेट के मसल्स कमजोर हो जाते हैं। इससे भारी समान उठाने में दिक्कत आती है।
7.बहुत देर तक यूरिन रोकने से यूरीनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसमें यूरिन से खून आने एवं जलन की समस्या बढ़ जाती है।
8.हमेशा यूरिन रोकने की वजह से ब्लैडर में सूजन आने का खतरा भी बढ़ जाता है। जिसकी वजह से हर समय दर्द बना रहता है।
9.ज्यादा देर तक यूरिनरोके रहने से बॉडी में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इससे शरीर के फंक्शन्स प्रभावित हो सकते हैं।
10.चूंकि यूरिन से शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है, लेकिन इसे रोके रहने से शरीर में जहरीले तत्व बढ़ सकते हैं। जिससे व्यक्ति को संक्रामक बीमारियां हो सकती हैं।