
Education News राजधानी में निजी स्कूलों की ओर से हर वर्ष की जा रही बेतहाशा फीस वृद्धि मामले में लगातार प्रदर्शन के बाद जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो गुस्साए अभिभावक मंगलवार को सीधे शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी के सरकारी निवास पर पहुंच गए। इस दौरान तमाम अभिभावकों ने देवनानी को घेराव कर लिया और उन्हें अपनी व्यथा बताई। साथ ही मामले में दखल देने की मांग की।
इस पर देवनानी ने अभिभावकों से उन्हें ज्ञापन देने की बात कही। यह सुन अभिभावकों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने देवनानी से कहा कि अब ज्ञापन देने से काम नहीं चलने वाला। सभी अभिभावकों ने मामले में पुख्ता कार्रवाई की मांग की। फिर देवनानी के उचित कार्रवाई के आश्वासन दिए जाने पर ही अभिभावक माने।
सेंट एंसलम स्कूल (मालवीय नगर) में कई दिनों से चल रहा फीस वृद्धि का विवाद मंगलवार को स्कूल प्रशासन और अभिभावकों की समझाइश के बाद सुलझ गया। स्कूल प्रशासन ने 27 से 42 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी थी। अभिभावक कई दिनों से इसका विरोध कर रहे थे।
स्कूल में प्रिसिंपल एडवर्ड ओलीवेरा से बैठक के बाद मालवीय नगर थाने के एसएचओ अजय शर्मा ने अभिभावकों को थाने में बुलाया। यहां एसएचओ और अभिभावकों के मध्य 14 प्रतिशत फीस वृद्धि पर सहमति बनी। एसएचओ अभिभावकों के साथ प्रिंसिपल के पास गए। उक्त प्रस्ताव को स्कूल प्रशासन ने मान लिया। 20 अप्रेल तक फीस जमा कराने की अंतिम तिथि को प्रिसिंपल ने माह के अंत तक बढ़ा दिया है।
उधर, फीस वृद्धि के विरोध में कांग्रेस भी उतर आई है। जयपुर जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास ने बताया कि बुधवार को कांग्रेस १६ स्थानों पर फीस घटाओ-बचपन बचाओ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
राजस्थान पत्रिका का जताया आभार
फीस वृद्धि को 14 प्रतिशत तक सीमित करवाने में अभिभावकों ने राजस्थान पत्रिका का आभार माना। अभिभावकों का कहना था कि पत्रिका में खबर के प्रकाशन के बाद ही स्कूल प्रशासन ने रवैया बदलते हुए फीस वृद्धि को कम किया।