
Himanta Biswa Sarma Son: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बेटे नंदिल बिस्वा सरमा ने एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नंदिल ने दुनिया की सबसे कठिन और थका देने वाली प्रतियोगिताओं में से एक आयरनमैन वियतनाम चैलेंज को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। 10 मई, 2026 को हुई इस रेस में 3.8 किलोमीटर तैराकी 180 किलोमीटर साइकिल चलाना और 42.2 किलोमीटर की दौड़ शामिल थी जिसे नंदिल ने करीब 16 घंटे में पूरा कर दिखाया। जानिए सीएम हिमंत के बेटे नंदिल सरमा आखिर राजनीति से दूर क्यों रहना चाहते हैं?
बेटे की इस शानदार सफलता पर मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी भी जाहिर की थी। उन्होंने लिखा कि 10 मई को मेरे बेटे नंदिल ने आयरनमैन वियतनाम में यह असाधारण चुनौती स्वीकार की। सिर्फ 7 से 8 महीने की तैयारी के बाद उसने लगभग 16 घंटे में इस रेस को पूरा किया। एक पिता के रूप में उसके अनुशासन और लगन को देखकर मुझे बहुत गर्व होता है।
नंदिल फिलहाल बेंगलुरु की जानी-मानी नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं और वह पांचवें ईयर के स्टूडेंट हैं। इससे पहले साल 2019 में उन्होंने मशहूर दून स्कूल से अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। दून स्कूल में वह स्कूल कैप्टन भी रह चुके हैं। 12वीं के बाद नंदिल ने लॉ एंट्रेंस की तैयारी के लिए एक साल का ब्रेक लिया था। मुख्यमंत्री सरमा ने उस समय की एक तस्वीर भी शेयर की थी जब वह अपनी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा और बेटी सुकन्या के साथ नंदिल को बेंगलुरु के हॉस्टल छोड़ने गए थे।
यह पहली बार नहीं है जब नंदिल ने अपनी फिटनेस का लोहा मनवाया है। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने बहरीन में आयरनमैन 70.3 रेस भी पूरी की थी। उस रेस में 1.9 किलोमीटर तैराकी 90 किलोमीटर साइकिलिंग और 21.1 किलोमीटर की दौड़ शामिल थी। उस वक्त नंदिल ने मात्र 3 से 4 महीने की तैयारी में 6 घंटे 48 मिनट के अंदर रेस पूरी कर ली थी।
नंदिल एक कद्दावर राजनेता के बेटे हैं इसलिए अक्सर, उनके राजनीति में आने के कयास लगाए जाते हैं। हालांकि, नंदिल ने हाल ही में साफ किया है कि, उनका फिलहाल राजनीति में आने का कोई विचार नहीं है। असम चुनाव के दौरान मार्च में भी उन्होंने इन अटकलों को खारिज कर दिया था। खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी कह चुके हैं कि, वह नहीं चाहते कि उनका बेटा राजनीति में आए। उन्होंने एक बार कहा था कि राजनीति में बहुत सी चुनौतियां होती हैं और उनके बेटे का इन सब से दूर रहना ही अच्छा है।