
Indian Railways Group C: रेलवे बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए ग्रुप 'सी' श्रेणी के तहत चल रहे सभी विभागीय चयन को रद्द कर दिया है, जो चार मार्च तक पूरा नहीं हुए थे और जिनकी स्वीकृति लंबित थी। इस संबंध में सभी जोनों के महाप्रबंधकों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि हाल के दिनों में विभागीय चयन प्रक्रियाओं में पाई गई अनियमितताओं को देखते हुए इन चयन प्रक्रियाओं की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, अगले आदेश तक कोई भी नया चयन या परीक्षा प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही, भारतीय रेलवे ने विभागीय प्रमोशन परीक्षाओं की जिम्मेदारी रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) को सौंपने का फैसला किया है। आरआरबी अब तक कई बड़ी परीक्षाएं, जैसे सहायक लोको पायलट, आरपीएफ एसआई, कांस्टेबल, जूनियर इंजीनियर और क्लर्क पदों के लिए सफलतापूर्वक आयोजित कर चुका है। आरआरबी द्वारा कराई गई परीक्षाएं पारदर्शी और सुरक्षित मानी जाती हैं, इसलिए विभागीय प्रमोशन के लिए भी इसी प्रणाली को अपनाने का निर्णय लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह कदम हाल ही में पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में लोको पायलट की पदोन्नति परीक्षा में पेपर लीक की घटना के बाद उठाया गया है। इस मामले में सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ रेल अधिकारियों समेत 26 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस परीक्षा के सफल अभ्यर्थी चीफ लोको इंस्पेक्टर (सीएलआई) के पद पर प्रमोट होने वाले थे।
भारतीय रेलवे में करीब 13 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं और अब उनकी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं आरआरबी की निगरानी में आयोजित की जाएंगी, ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।