शिक्षा

नीट Paper Leak को लेकर बड़ा खुलासा, छात्र ने कबूल किया परीक्षा से पहले मिले थे पेपर, मास्टरमाइंड फूफा ने की थी मदद 

NEET UG Paper Leak: नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर पटना से गिरफ्तार किए अभ्यर्थी अनुराग यादव ने कबूल किया है कि उसे परीक्षा के एक रात पहले ही नीट के प्रश्न मिल गए थे। 

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NEET UG Paper Leak: आज नीट यूजी संबंधित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। वहीं इस बीच पटना से बड़ी खबर आ रही है। नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक मामले को लेकर पटना से गिरफ्तार किए अभ्यर्थी अनुराग यादव ने कबूल किया है कि उसे परीक्षा के एक रात पहले ही नीट के प्रश्न मिल गए थे। 

परीक्षा की सेटिंग का लोभ देकर फूफा ने कोटा से बुलाया भतीजे को (NEET Paper Leak)

अनुराग ने अपने बयान में कबूल किया है कि उसे उनके फूफा यानी कि सिकंदर यादवेंद्र ने कोटा से ये कहकर बुलाया कि परीक्षा की सेटिंग हो गई है। अनुराग का परीक्षा केंद्र डी वाय पाटील स्कूल था। अनुराग यादव एक मंत्री के पैरवी से परीक्षा के पहले सरकारी आवास में ठहरा था। परीक्षा के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

फूफा ने मंत्री की पैरवी पर भतीजे को गेस्ट हाउस में ठहराया

अनुराग यादव पटना के सरकारी गेस्ट हाउस में एक मंत्री के पैरवी से ठहरा था। उसके रूकने की सारी व्यवस्था सिकंदर यादवेंद्र ने की थी। पुलिस ने सिकंदर को गिरफ्तार कर लिया है। नीट पेपर लीक मामले की जांच बिहार आर्थिक अपराध इकाई कर रही है। 

परीक्षा रद्द करने की मांग 

सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई के बीच परीक्षा रद्द करने की मांग चल रही है। अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा में बहुत ही बड़े स्तर पर धांधली हुई है। ऐसे में इसकी जांच की जिम्मेदारी CBI को सौंप दी जाए और परीक्षा रद्द कर दी जाए। हालांकि, कोर्ट ने काउंसलिंग पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। ऐसे में ये कहना मुश्किल होगा कि परीक्षा रद्द होगी या नहीं।

कौन है ‘पेपर लीक मास्टरमाइंड’ सिकंदर यादवेंद्र? (NEET Paper Leak Mastermind)

पुलिस ने नीट पेपर लीक मामले में सबसे पहले सिकंदर नाम के शख्स को पकड़ा था। आरोपियों ने कई केंद्रों और सेफ हाउस में पेपर सॉल्वर बिठाए थे। इनके पास पहले से ही प्रश्नपत्र मौजूद थे। जूनियर इंजीनियर सिकंदर यादवेंद्र को अखिलेश और बिट्टू के साथ शास्त्रीनगर पुलिस ने बेली रोड पर राजवंशी नगर मोड़ पर नियमित जांच के दौरान गिरफ्तार किया था। अब तक की जांच में पता चला है कि जूनियर इंजीनियर सिकंदर ने पेपर लीक की पूरी साजिश रची थी।

पुलिस को सिकंदर के पास से कई नीट प्रवेश पत्र मिले थे। यादवेंद्र द्वारा बताए गए इनपुट के आधार पर छापेमारी के बाद आयुष, अमित और नितिश को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पेपर लीक को लेकर बिहार के नालंदा के संजीव सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) मामले के मास्टरमाइंड सिकंदर यादवेंद्र ने कुबूल किया है कि उसकी मुलाकात अमित आनंद से हुई थी। यादवेंदु का कहना है कि अमित ने बताया कि वो नीट-बीपीएससी-यूपीएसई की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करके छात्रों को याद करवाकर पास करवाता है, जिसके लिए उसे 30-32 लाख रुपये मिलते हैं।

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