इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसला देते हुए कहा है कि आवासीय जमीनों पर स्कूल का निर्माण नहीं हो सकता।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसला देते हुए कहा है कि आवासीय जमीनों पर स्कूल का निर्माण नहीं हो सकता। न्यायालय ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) कॉलोनी कानपुर रोड़ पर बने सेंट जेवियर्स डे स्कूल के ध्वस्तीकरण के आदेश को उचित ठहराते हुए स्कूल प्रबंधक की याचिका को खारिज कर दिया है। पीठ ने कहा कि आवासीय भूखंडों पर बने प्राइवेट स्कूल गैर कानूनी हैं। पीठ ने एलडीए के ध्वस्तीकरण एवं सीज के आदेश को सही मानते हुए याची को कोई राहत नहीं दी है।
यह फैसला न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा की पीठ ने याची अशोक कॉर्नवाल और अन्य की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए बुधवार को दिए। राज्य सरकार की ओर से अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता विवेक शुक्ल बी के सिंह ने बहस की थी। दायर याचिका में याची ने एलडीए के विहित प्राधिकारी एवं अन्य आदेशों को चुनौती दी थी।
विहित प्राधिकारी ने कानपुर रोड पर एलडीए कॉलोनी के प्लाट संख्या बी 1/36 पर बनाए गए विद्यालय को गैर कानूनी दर्शाते हुए इसको गिराए जाने के आदेश दिए थे। बाद में क्लोजर के आदेश भी दिए थे। अदालत के समक्ष सरकारी वकील शुक्ला की दलील थी कि आवासीय भूखण्ड पर स्कूल का न तो निर्माण हो सकता है न ही चलाया जा सकता है। इस मामले में कई दलीलों का भी हवाला दिया गया। अदालत ने मामले का निपटारा करते हुए यह फैसला सुनाया है।