शिक्षा

नकली डिग्री पर नकेल: निजी विश्वविद्यालयों को 30 सितंबर तक दाखिला वापस लेने पर लौटानी होगी पूरी फीस

Cracking Down on Fake Degrees : निजी विश्वविद्यालयों में बैकडेट से डिग्रियां जारी होने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निजी विश्वविद्यालयों के लिए राज्य सरकार ने सत प्रावधान तय कर दिए हैं।
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Jun 14, 2024
UGC announces new fee refund policy
UGC announces new fee refund policy

जयपुर. निजी विश्वविद्यालयों में बैकडेट से डिग्रियां जारी होने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निजी विश्वविद्यालयों के लिए राज्य सरकार ने सत प्रावधान तय कर दिए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने इसका सर्कुलर भी जारी कर दिया। इसके तहत अब निजी विश्वविद्यालयों को 31 अगस्त से पहले या फिर राज्य सरकार की ओर से प्रवेश के लिए तय अंतिम तिथि तक (दोनों मेें से जो बाद में हो) प्रवेश देना होगा। इसके बाद अगर विश्वविद्यालयों ने प्रवेश दिया तो वह अवैध माना जाएगा।

वहीं, परीक्षा परिणाम जारी होने के 15 दिन के भीतर उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण छात्रों की अंक तालिकाएं एक ही तिथि को जारी की जाएंगी। इन सभी अंक तालिकाओं पर एनरोलमेट नंबर, परीक्षा दिनांक, परीक्षा परिणाम जारी करने की तिथि, अंक तालिका जारी करने की तिथि आवश्यक रूप से लिखनी होगी। इस तय प्रारूप में अगर अंक तालिका नहीं होगी तो अवैध मानी जाएगी। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि विवि अंक तालिकाओं को जारी करने दिन ही डिजि लॉकर में अपलोड करेंगे। वहीं, राज्य सरकार को हर साल वार्षिक रिपोर्ट 15 फरवरी तक विश्वविद्यालयों को भेजनी होगी।

एसओजी, भर्ती एजंसियों ने दिए सुझाव

भर्तियों में लगातार फर्जीवाड़े के मामले सामने आने के बाद आरपीएससी, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और एसओजी ने उच्च शिक्षा विभाग को बैठक में सुझाव दिए। इन्होंने कहा कि भर्तियों में सबसे अधिक मामले बैकडेट डिग्रियों के सामने आ रहे हैं। इसके अलावा विवि फर्जी डिग्री बनाकर भी दे रहे हैं। एसओजी ने हाल ही ऐसी यूनिवर्सिटीज का खुलासा भी किया है।

निजी विश्वविद्यालयों को दिशा- निर्देशों की पालना करनी होगी। ऐसा नहीं करने वालों पर सत कार्रवाई होगी। भर्तियों में पारदर्शिता और उच्च शिक्षा में सुधार के लिए ये प्रावधान तय किए हैं। -सुबीर कुमार, शासन सचिव, उच्च शिक्षा

अभिभावक कर रहे थे लगातार शिकायत

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से यूजीसी फीस रिफंड पॉलिसी 2023-24 जारी की है। यूजीसी ने कहा है कि छात्रों को फीस रिफंड नहीं की जा रही है, इसको लेकर अभिभावक लगातार शिकायत कर रहे थे। इसी को देखते हुए नीति जारी की है। पॉलिसी के तहत 30 सितंबर तक दाखिला वापस लेने वाले छात्रों को पूरी फीस कॉलेज या यूनिवर्सिटी की ओर से वापस की जाएगी। वहीं, 31 अक्टूबर तक प्रवेश वापस लेने पर एक हजार रुपए की कटौती के साथ फीस वापस ली जाएगी।

ये प्रावधान भी तय

  • वेबसाइट पर नवीन कोर्स, पद और सीट फीस और प्रोफेसर की सूचना देनी होगी
  • माइग्रेशन प्रमाण पत्र लेकर ही प्रवेश लिया जाएगा
  • विवि प्रवेश के साथ ही विद्यार्थियों को एनरोलमेंट नंबर आवंटित करेंगे
  • प्रवेश की अंतिम तिथि के 15 दिवस के भीतर पाठ्यक्रम प्रवेशित छात्रों की प्रमाणिक सूची एनरोलमेंट और आधार नंबर के साथ अंतिम चार डिजिट राज्य सरकार को भेजनी होगी
  • विवि जारी एनरोलमेंट नंबर में एक समान मानक संचालन प्रक्रिया अपनाएंगे, जैसे छात्रों को 12 अंकों का एनरोलमेंट नंबर जारी करेंगे। इसके प्रथम चार अंक वर्ष के, द्वितीय तीन अंक पाठ्यक्रम कोड, अंतिम पांच अंक छात्रों की संया अंकित करेंगे
  • विवि 30 जून से पहले दीक्षांत समारोह पूरा करेंगे, वितरित डिग्रियों की सूचना सरकार को भेजेंगे
Updated on:
14 Jun 2024 10:23 am
Published on:
14 Jun 2024 10:23 am