उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार गुरुकुल प्रणाली को अपनाने वाले देश के एकमात्र संगीत संस्थान की रक्षा करने में विफल रही है। इस संस्थान की स्थापना गुरु-शिष्य परंपरा को कायम रखते हुए शास्त्रीय संगीत को संरक्षित करने के उद्देश्य से की गई है।
Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (अभाविप) के सदस्यों ने सोमवार को हुब्बल्ली के उंकल में डॉ. गंगूबाई हंगल गुरुकुल Dr. Gangubai Hangal Gurukul के सामने विरोध प्रदर्शन किया। गुरुकुल को मैसरु स्थित कर्नाटक राज्य डॉ. गंगूबाई हंगल संगीत एवं प्रदर्शन कला विश्वविद्यालय के अधीन लाने के निर्णय की कड़ी निंदा की, राज्य सरकार से संगीत संस्थान की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
गुरुकुल को कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग के अधीन काम करने की अनुमति देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार गुरुकुल प्रणाली को अपनाने वाले देश के एकमात्र संगीत संस्थान की रक्षा करने में विफल रही है। इस संस्थान की स्थापना गुरु-शिष्य परंपरा को कायम रखते हुए शास्त्रीय संगीत को संरक्षित करने के उद्देश्य से की गई है।
एबीवीपी ABVP के राज्य सचिव सचिन कुलगेरी ने घोषणा की कि वे गुरुकुल की रक्षा के लिए आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे और इसी के तहत सोमवार को उन्होंने प्रदर्शन किया। KARNATAKA सरकार के गलत फैसले के कारण शास्त्रीय संगीत के विभिन्न शिक्षकों के संरक्षण में संगीत की शिक्षा ले रहे छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। 2022 बैच के छात्रों ने दो साल की संगीत शिक्षा पूरी कर ली है और दो साल और बचे हैं। छुट्टियां बार-बार बढ़ाई जा रही हैं। छात्र असमंजस में हैं। छात्रों को गुरुकुल परिसर खाली करने के लिए कहा गया है। हालांकि, उन्होंने अभी तक अपनी शिक्षा पूरी नहीं की है।