
IPS Officier Awadhesh Dixit: बच्चों के 'मास्टर जी' के रूप में अपनी खास पहचान बनाने वाले तेजतर्रार IPS ऑफिसर अवधेश दीक्षित अब भोजपुर जिले की कमान संभालेंगे। वर्ष 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी अवधेश दीक्षित को भोजपुर का नया पुलिस अधीक्षक (SP) बनाया गया है। अवधेश दीक्षित की पहचान केवल एक सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े एक संवेदनशील इंसान के तौर पर भी रही है। आइए IPS अवधेश दीक्षित के जीवन से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्सों के बारे में जानते हैं।
मुजफ्फरपुर में एएसपी रहते हुए अवधेश दीक्षित ने गरीब बस्तियों और रेडलाइट एरिया के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की एक अनोखी पहल की थी। उन्होंने ऐसे बच्चों के लिए 'पुलिस पाठशाला' शुरू की जिनके लिए नियमित पढ़ाई करना बिल्कुल आसान नहीं था। वर्दी में एक पुलिस अधिकारी को बच्चों को पढ़ाते देखकर हर कोई हैरान था। बच्चों के बीच IPS अवधेश 'मास्टर जी' के नाम से मशहूर हो गए थे। उनकी इस शानदार पहल ने पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को काफी कम कर दिया था।
राजस्थान मूल के रहने वाले अवधेश दीक्षित ने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT बॉम्बे से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया है। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा पास की और भारतीय पुलिस सेवा के लिए बिहार कैडर चुना। उन्होंने बेगूसराय से अपनी पुलिस सेवा की शुरुआत की। इसके बाद वह पालीगंज में ASP और फिर गोपालगंज व लखीसराय के SP भी रहे। अब पुलिस मुख्यालय से उन्हें भोजपुर जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रोफेशनल जिंदगी के अलावा अवधेश दीक्षित की निजी जिंदगी भी काफी दिलचस्प रही है। उनकी पत्नी काम्या मिश्रा भी पूर्व IPS अधिकारी रह चुकी हैं। साल 2019 में पुलिस ट्रेनिंग के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी। मध्य प्रदेश के रतलाम में फील्ड विजिट के दौरान काम्या ने अवधेश को घास की अंगूठी पहनाकर अपने प्यार का इजहार किया था। साल 2020 में दोनों ने शादी कर ली। ओडिशा की रहने वाली काम्या मिश्रा ने हाल ही में अपने पारिवारिक व्यवसाय को संभालने के लिए आईपीएस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। अब भोजपुर में अवधेश दीक्षित की नई पारी पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
भोजपुर जिले के नए SP अवधेश दीक्षित के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपराध पर लगाम लगाना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना होगी। भोजपुर में हथियार और शराब तस्करी के साथ-साथ भूमि विवाद के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करना बेहद अहम होगा। इसके अलावा जिले में पिछले कार्यकाल के दौरान हुए शाहपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर और बिहिया से सनोज कुमार के रहस्यमय तरीके से लापता होने जैसे चर्चित मामलों की जांच पर भी सभी की नजरें टिकी रहेंगी।