
JEE Main: बॉम्बे हाई कोर्ट ने आज जेईई में प्रवेश के लिए बारहवीं बोर्ड में 75 प्रतिशत अंकों की पात्रता मानदंड का उद्देश्य जानना चाहा। इस पर अधिवक्ता रुई रोड्रिगेज ने अदालत को जवाब दिया गया की उम्मीदवारों को या तो बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे या अपने संबंधित बोर्ड के शीर्ष 20 पर्सेंटाइल में शामिल होना आवश्यक है। बॉम्बे हाईकोर्ट अब अगले सप्ताह मामले की सुनवाई करेगा। इससे पहले, याचिकाकर्ता ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से परीक्षा में क्वालीफाई करने के लिए 75 प्रतिशत पात्रता मानदंड को हटाने का अनुरोध किया था। जनहित याचिका में कहा गया है बोर्ड परीक्षाओं के लिए पात्रता मानदंड (75%) से कम अंक वाले छात्र आगामी जेईई मेन 2023 में अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं, ऐसे में छात्रों के भविष्य को यह नियम प्रभावित करेगा। अगर इन छात्रों को एक उचित अवसर से वंचित किया जाता है, तो यह लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा।
क्या है पूरा मामला?
बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने एनटीए से 75 प्रतिशत एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को हटाने का अनुरोध किया था क्योंकि उनके द्वारा प्राप्त अंक उनकी वास्तविक क्षमता का सही प्रतिबिंब नहीं है। ऐसे में एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया (75%) से कम अंक प्राप्त करने वाले छात्र आगामी जेईई मेन 2023 की परीक्षा में बहुत अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं। वहीं अगर इन छात्रों को एक उचित अवसर से वंचित किया जाता है, तो यह लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा।
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जेईई मेन 2023 सूचना विवरणिका के अनुसार, उम्मीदवारों को अपनी कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा (सामान्य श्रेणी के लिए) में कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने चाहिए या श्रेणी-वार शीर्ष 20 प्रतिशतक के भीतर होना चाहिए। इस बीच, जेईई मेन 2023 सत्र 2 की परीक्षा आज से शुरू हो गई। परीक्षाएं दो पारियों में होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक है।
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