Political Science 12th Class Syllabus Update In Hindi: एनसीईआरटी ने सिलेबस बदलने को लेकर कहा कि अयोध्या मंदिर को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने अयोध्या मंदिर पर को लेकर फैसला लिया, जिसका सभी वर्गों ने स्वागत किया है।
Political Science 12th Class Syllabus Update In Hindi: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही बच्चों को अपनी किताबों का इंतजार रहता है। लेकिन इस साल CBSE ने कई कक्षाओं के सिलेबस में बदलाव किया है, जिस वजह से पुस्तकों के आने में देरी हो रही है। वहीं अब 12वीं कक्षा के राजनीतिक विज्ञान विषय में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। 12वीं कक्षा के बच्चे अब राजनीति शास्त्र में बाबरी ढांचे के विध्वंस को नहीं पढ़ेंगे। इसके बदले उन्हें राम मंदिर (Ram Mandir) आंदोलन के विस्तार के बारे में पढ़ाया जाएगा।
NCERT ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 (Academic Session 2024-25) के लिए 12वीं कक्षा की किताबों में बदलाव किए हैं। सीबीएसई बोर्ड को इस संबंध में जानकारी दी गई है। एनसीईआरटी ने पॉलिटिकल साइंस (Political Science Books) के चैप्टर आठ में यह बदलाव किया है, जिसका शीर्षक है- ‘भारत में आजादी के बाद राजनीति’। इस चैप्टर में छात्रों को भारतीय राजनीति की उन 5 अहम घटनाओं के बारे में पढ़ाया जाता है, जो आजादी के बाद घटित हुई हैं। इनमें से एक अयोध्या आंदोलन भी है। इसके अलावा जो चार घटनाएं हैं, उनमें कांग्रेस का पतन, मंडल कमीशन, आर्थिक सुधार और राजीव गांधी की हत्या शामिल है।
एनसीईआरटी ने सिलेबस बदलने को लेकर कहा कि अयोध्या मंदिर (Ayodhya Mandir) को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की संवैधानिक बेंच ने अयोध्या मंदिर पर को लेकर फैसला लिया, जिसका सभी वर्गों ने स्वागत किया है। बता दें, अब तक नई संशोधित पुस्तकें नहीं आई हैं।
एनसीईआरटी ने इससे पहले कक्षा तीन और कक्षा छह के सिलेबस (NCERT Class 3 and Class 6 Syllabus) में बदलाव किया है। यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को ध्यान में रखकर किया गया। बता दें, केंद्र सरकार को स्कूली शिक्षा पर सलाह देने वाली और सिलेबस तैयार करने वाली संस्था NCERT समय-समय पर सिलेबस में बदलाव करती रहती है। हर साल करीब 4 करोड़ छात्र एनसीईआरटी की किताबें पढ़ते हैं।
एनसीईआरटी ने कोरोनाकाल के दौरान साल 2019 में पाठ्यपुस्तकों का बोझ घटाने के लिए कक्षा छठी से 12वीं तक के सिलेबस (NCERT Syllabus) में बदलाव किया था। वहीं पिछले साल 2023 में NCERT ने मुगल शासकों, 2002 के गुजरात दंगों, शीत युद्ध और आपातकाल आदि के कुछ अंश हटा दिए थे।