उच्चतर शिक्षा संस्थानों में सामाजिक विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने और नीति निर्माण में अनुसंधान का लाभ उठाने के लिए दो वर्ष की अवधि की 1500 अनुसंधान परियोजनाएँ प्रदान की जाएंगी।
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने ‘सामाजिक विज्ञान में कारगऱ नीति अनुसंधान’ (IMPRESS) कार्यक्रम के वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। जावडेकर ने कहा कि इसके अंतर्गत उच्चतर शिक्षा संस्थानों में सामाजिक विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने और नीति निर्माण में अनुसंधान का लाभ उठाने के लिए दो वर्ष की अवधि की 1500 अनुसंधान परियोजनाएँ प्रदान की जाएंगी।
समाज की प्रगति के लिए सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान अनिवार्य है और इस कार्यक्रम के अंतर्गत किये गये अनुसंधान का इस्तेमाल उन समस्याओं के समाधान के लिए किया जाएगा, जिनका सामना समाज को करना पड़ रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने अगस्त 2018 में 31 मार्च 2021 तक कार्यान्वित करने के लिए 414 करोड़ रुपये की कुल लागत के साथ इस कार्यक्रम को मंजूरी दी थी और भारतीय सामाजिक विज्ञान एवं अनुसंधान परिषद को परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया था।
इसके तहत राज्य और लोकतंत्र, शहरी रूपांतरण, मीडिया, संस्कृति और समाज, रोजगार, कौशल और ग्रामीण रूपांतरण, शासन, नवाचार और सार्वजनिक नीति, विकास, वृहद-व्यापार एवं आर्थिक नीति, कृषि और ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और पर्यावरण, विज्ञान और शिक्षा, सामाजिक मीडिया और प्रौद्योगिकी, राजनीति, विधि और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जायेगा।
परियोजनाओं का चयन ऑनलाइन पद्धति से पारदर्शी, प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया के जरिये सुनिश्चित किया जायेगा। कार्यक्रम के लिए चार बार - अक्टूबर 2018, फरवरी 2019, सितम्बर 2019 और फरवरी 2020 में प्रस्ताव आमंत्रित किये जायेंगे। प्रस्तावों के मूल्यांकन और चयन की प्रक्रिया 90 दिन के भीतर पूरी की जायेगी। मार्च 2021 में तीसरे पक्ष द्वारा परियोजनाओं का मूल्यांकन होगा।