अभी ऑनलाइन एजुकेशन का जो दौर शुरू हुआ है, वह आने वाले समय में और भी बढ़ेगा। एजुकेशन पोर्टल्स से शिक्षा प्राप्त करना आसान हुआ है।
पूरी दुनिया में लॉकडाउन के चलते स्कूल-कॉलेज बंद हैं, पर इस माहौल में भी सीखना बंद नहीं कर सकते हैं। आप ऑनलाइन टीचिंग और ई-लर्निंग के महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म स्वयं प्रभा से जुड़ सकते हैं। ऑनलाइन टीचिंग और ई-लर्निंग के एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म के रूप में स्वयं प्रभा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन ने 9 जुलाई 2017 को माइक्रोसॉफ्ट की मदद से शुरू किया था। लगभग 2000 कोर्स के साथ यह ऑनलाइन प्लेटफार्म सभी लर्नर्स को फ्री एक्सेस प्रदान करता है और कक्षा 9 से पोस्ट ग्रेजुएशन तक के लिए कोर्सेज का संचालन करता है।
फ्री में सुविधा उपलब्ध
यह 32 डीटीएच (डायरेक्ट टू होम) चैनल्स का समूह है जो उच्च गुणवत्ता वाले प्रोग्राम्स को टेलीकास्ट करता है। रोजाना न्यूनतम चार घंटे के नए कंटेंट का प्रोग्राम टेलीकास्ट किया जाता है। इसका कंटेंट और स्टडी मैटेरियल नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एनहांस्ड लर्निंग, आइआइटी, एनआइओएस, एनसीइआरटी, यूजीसी, इग्नू और सीइसी ने बनाया है।
मुफ्त सर्विस है
इसके 203 पार्टनर इंस्टीट्यूट्स कंटेंट्स के डवलपमेंट में योगदान देते हैं। इस फ्री वेब कोर्स के लिए लगभग डेढ़ करोड़ से भी अधिक स्टूडेंट्स एनरोल्ड हैं। स्वयं प्रभा द्वारा जारी किए जाने वाले कंटेंट को आप www.swayamprabha.gov.in वेबसाइट पर जाकर भी देख सकते हैं।
कोर्स कवरेज
इसके अंतर्गत टीचर्स की ट्रेनिंग के लिए मॉडयूल्स के साथ 9वीं से 12वीं कक्षाओं के स्टूडेंट्स के लिए लर्निंग टूल्स दिए जाते हैं। साथ ही ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर भी सभी कोर्सेज की पढ़ाई करवाई जाती है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करवाई जाती है।
टयूटोरियल्स
इसके अंतर्गत डायरेक्ट टीचिंग का काम किया जाता है। इसमें सब्जेक्ट्स की जरूरत के मुताबिक वीडियो, पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन, एनीमेशन, पॉडकास्ट आदि के माध्यम से स्टूडेंट्स को पढ़ाया जाता है।
ई-कंटेंट
इसके अंतर्गत ई-कंटेंट के रूप में ई-बुक्स, इलस्ट्रेशंस, केस स्टडीज, ओपन सोर्स कंटेंट्स, रेफरेन्स लिंक्स आदि को शामिल किया जाता है।
डिस्कशन फोरम
इसके अंतर्गत एक स्टूडेंट अन्य स्टूडेंट्स या फैकल्टी मेम्बर से अपने सवाल पूछ सकता है और कोई कन्फ्यूजन हो तो उसे भी क्लियर कर सकता है।
सेल्फ-असेसमेंट
इसमें स्टूडेंट्स की लर्निंग कैपेसिटी का असेसमेंट किया जाता है। यह असेसमेंट मल्टीपल क्वेश्चन्स, क्विज या फिर शॉर्ट-आंसर टाइप क्वेश्चन्स के रूप में होता है।