इस बार बंडीपुर के आसपास के गांवों के स्कूली छात्रों और स्थानीय समुदाय पर विशेष ध्यान है। ये हितधारक हैं और संघर्ष या जंगल की आग के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होते हैं
बंडीपुर युवा मित्र (बीवाइएम) पहल के तहत वन विभाग 2024-25 के दौरान जंगलों के आसपास के 200 स्कूलों तक पहुंचेगा। बाघ अभयारण्य के आसपास स्थानीय समुदाय को संरक्षण और पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर संवेदनशील बनाने के लिए गत वर्ष बीवाइएम शुरू की गई थी।
वन संरक्षक रमेश कुमार ने कहा कि इस बार बंडीपुर के आसपास के गांवों के स्कूली छात्रों और स्थानीय समुदाय पर विशेष ध्यान है। ये हितधारक हैं और संघर्ष या जंगल की आग के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
उन्होंने बताया कि गत वर्ष 162 दिनों तक चले कार्यक्रम में 8,410 प्रतिभागी शामिल हुए थे। इनमें 7019 छात्र, 655 स्कूल शिक्षक, 395 स्थानीय गांवों के किसान और 197 ग्राम पंचायत कर्मचारी थे।143 आदिवासियों को भी शामिल किया गया था। कार्यक्रम में अधिक किसानों को शामिल करने की गुंजाइश है। इसलिए 2024-25 से स्थानीय किसानों और तालुक पंचायत अधिकारियों पर अतिरिक्त ध्यान केंद्रित किया जाएगा क्योंकि ये दोनों संघर्ष के मुद्दों पर लगातार वन विभाग के संपर्क में हैं। वन विभाग इस वर्ष से 20 से 25 आयु वर्ग के युवाओं को भी लक्षित करेगा।
कुमार ने कहा कि स्थानीय समुदाय के समर्थन के बिना कोई भी संरक्षण संभव नहीं है। ऐसे हितधारकों को विश्वास में लेना होगा। वन सीमा के एक किमी के दायरे में बंडीपुर टाइगर रिजर्व के आसपास 136 गांव हैं। संघर्ष की स्थिति में वे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।