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कौन हैं UGC के चेयरमैन विनीत जोशी? आईआईटी-आईआईएम की डिग्रियां और लाखों में है सैलरी

UGC Chairman Vineet Joshi: यूजीसी के नए रेगुलेशंस 2026 को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। ऐसे में आइए जानते हैं, आईआईटी और आईआईएम से पढ़ाई करने वाले आईएएस विनीत जोशी के बारे में जो संभाल रहे हैं यूजीसी की कमान। जानें कितनी है उनकी सैलरी, क्या मिलती हैं सुविधाएं और आखिर उनके एक फैसले पर क्यों मचा है देशभर में बवाल।

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Jan 29, 2026
UGC Chairman Vinit Joshi (PC: UGC)

UGC Equity Regulations 2026 controversy: देश के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा की दिशा तय करने वाली संस्था विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) इन दिनों अपने एक फैसले को लेकर चौतरफा विवादों में घिरी हुई है। 'इक्विटी रेगुलेशंस 2026' के लागू होने के बाद देशभर में अगड़े और पिछड़े वर्ग के बीच बहस छिड़ गई है। इस बड़े संस्थान की कमान इस समय आईएएस विनीत जोशी के हाथों में है। आइए जानते हैं कौन हैं यूजीसी के चेयरमैन विनीत जोशी और क्या है उनकी पावर्स।

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UGC Chairman Vineet Joshi: कौन हैं विनीत जोशी?

यूजीसी के कार्यवाहक अध्यक्ष विनीत जोशी 1992 बैच के मणिपुर कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। वे वर्तमान में भारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग में सचिव के पद पर भी तैनात हैं। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद प्रभावशाली रही है। उन्होंने अपनी शुरूआती स्कूलिंग प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से पूरी की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की। इतना ही नही उन्होंने एमबीए की डिग्री भी हासिल की। विनीत जोशी इससे पहले सीबीएसई के चेयरमैन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक जैसे विशेष पदों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

UGC Chairman Salary: सैलरी के साथ मिलती हैं ये सुविधाएं?

यूजीसी चेयरमैन का पद भारत सरकार के सर्वोच्च पदों में से एक माना जाता है। इनकी नियुक्ति सीधे केंद्र सरकार करती है। यूजीसी चेयरमैन को भारत सरकार के सचिव (Secretary) स्तर का वेतन मिलता है। सातवें वेतन आयोग के मुताबिक, उनका मूल वेतन और भत्ते मिलाकर प्रतिमाह लगभग 2.25 लाख से 2.50 लाख रुपये के बीच होता है। वेतन के अलावा उन्हें आलीशान सरकारी बंगला, सरकारी वाहन, सुरक्षा और अन्य कूटनीतिक भत्ते मिलते हैं।

UGC New Guidelines 2026: यूजीसी नियम को लेकर क्या है विवाद?

यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में 'इक्विटी सेल' बनाना कम्पलसरी किया है। यह सेल एक तरह की आंतरिक अदालत होगी जहां स्टूडेंट्स भेदभाव की शिकायत कर सकेंगे। विवाद तब शुरू हुआ जब डिस्क्रिमिनेशन की कैटेगरी में एससी-एसटी के साथ 'ओबीसी' (OBC) वर्ग को भी जोड़ दिया गया। विरोध करने वालों का तर्क है कि, यह नियम सामान्य वर्ग के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल हो सकता है। इक्विटी सेल की कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का शामिल किया गया है, लेकिन जनरल कैटेगरी के सदस्य की अनिवार्यता नहीं है। इससे निष्पक्ष जांच पर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों को डर है कि बिना ठोस सबूत के उन पर फर्जी आरोप लगाए जा सकते हैं जिसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ेगा।

UGC Rule 2026: ये होती है यूजीसी की जिम्मेदारी?

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और मानकों को बनाए रखने के लिए देश में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) सबसे अहम वैधानिक संस्था है। इसकी स्थापना 28 दिसंबर,1953 को हुई थी, जिसे बाद में साल 1956 में संसद के एक अधिनियम के जरिए वैधानिक दर्जा दिया गया। यूजीसी का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

  • मान्यता और निगरानी: देश के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को मान्यता देना और उनके मानकों की निगरानी करना।
  • बजट और अनुदान (Funding): शिक्षण संस्थानों को शोध और विकास कार्यों के लिए सरकारी बजट यानी अनुदान जारी करना।
  • नियम और मानक निर्धारण: उच्च शिक्षा में पढ़ाई का स्तर कैसा होगा और परीक्षाओं का ढांचा क्या रहेगा, इसके लिए नियम बनाना।
  • शिक्षकों की पात्रता (NET Exam): कॉलेजों में प्रोफेसर बनने की योग्यता तय करने के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) का आयोजन करना।
  • स्कॉलरशिप और शोध: मेधावी छात्रों को शोध (Research) के लिए फेलोशिप और स्कॉलरशिप प्रदान करना ताकि शिक्षा में उत्कृष्टता बनी रहे।

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