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जेल में सुधार की नई मिसाल, कैदियों ने दी 12वीं की परीक्षा 100 परसेंट रहा रिजल्ट

Surat Lajpore Jail: जेल की सलाखें भी नहीं रोक पाईं सूरत की लाजपोर सेंट्रल जेल में बंद कैदियों की उड़ान। 100 प्रतिशत रिजल्ट के साथ पास की 12वीं की परीक्षा। जेल प्रशासन की मदद से कैदियों ने पेश की मिसाल।

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सूरत

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Mohsina Bano

May 06, 2026

Surat Jail Inmates Pass Class 12th Exam

Surat Lajpore Jail Positive News (Image- ChatGPT)

Surat Jail Inmates Pass Class 12: गुजरात के सूरत मेें मौजुद लाजपोर सेंट्रल जेल से एक बहुत ही सकारात्मक खबर सामने आई है। यहां सजा काट रहे कैदियों ने 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली है। खास बात यह है कि परीक्षा देने वाले सभी 11 कैदी पास हो गए हैं, यानी जेल का रिजल्ट 100 परसेंट रहा है। इन कैदियों ने यह साबित कर दिया है कि अगर इंसान अपनी गलती सुधारना चाहे तो जेल की ऊंची दीवारें भी उसके रास्ते की रुकावट नहीं बन सकतीं।

गंभीर अपराधों में काट रहे हैं सजा

12th पास करने वाले इन कैदियों में कई ऐसे हैं जो हत्या, हत्या के प्रयास और एनडीपीएस नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे बहुत ही गंभीर मामलों में अपनी सजा काट रहे हैं। परीक्षा पास करने वालों में रोहित रतीराम यादव का नाम भी शामिल है जो हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट के तहत 20 साल की लंबी सजा काट रहे सरफराज इकबाल पटेल और हत्या की कोशिश के आरोप में सात साल की सजा काट रहे साहिल सुरेश पटेल ने भी 12वीं की परीक्षा पास कर अपने जीवन की एक नई शुरुआत की है।

जेल प्रशासन ने की पूरी मदद

लाजपोर जेल के अधिकारियों के मुताबिक, इन कैदियों ने पूरे अनुशासन और पक्के इरादे के साथ अपनी पढ़ाई की। जेल प्रशासन ने भी उनकी पूरी मदद की और उन्हें पढ़ाई के लिए जरूरी सहायता और एक शांत माहौल उपलब्ध कराया। प्रशासन का मानना है कि शिक्षा इन कैदियों के लिए सकारात्मक बदलाव और खुद में सुधार लाने का एक बहुत बड़ा जरिया बन गई है।

अपराध से दूर नई जिंदगी की आस

जेल अधिकारियों का कहना है कि पढ़ाई की वजह से कैदियों का ध्यान अब अपराध से हटकर खुद को बेहतर बनाने और अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझने की तरफ जा रहा है। कई कैदियों ने अपने पुराने अपराधों पर गहरा पछतावा जताया है और अब वे अपने परिवार तथा समाज के लिए अच्छा इंसान बनना चाहते हैं। इन 11 कैदियों की यह सफलता अब पूरी जेल में उम्मीद की एक नई किरण बन गई है। माना जा रहा है कि इस सफलता से अन्य कैदी भी प्रेरित होंगे और अपराध का रास्ता छोड़कर शिक्षा और सुधार की ओर कदम बढ़ाएंगे।