शिक्षा

आयुष्मान भारत योजना : कॉलजों में शुरू हो रहा ‘मास्टर इन पब्लिक हेल्थ’ कोर्स

आयुष्मान भारत योजना के लिए नया कोर्स शुरू किया जा रहा है

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Sep 26, 2018
Master in Public Health Course for Ayushman Bharat
आयुष्मान भारत योजना : कॉलजों में शुरू हो रहा 'मास्टर इन पब्लिक हेल्थ' कोर्स

भारत सरकार की ओर से आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत कर दी गई है। इस योजना का सीधा फायदा स्वास्थ्य के साथ ही शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में भी मिलने वाला है। आयुष्मान भारत की सौगात देने के साथ ही अब सरकार जन स्वास्थ्य को लेकर भविष्य की नींव को भी मजबूती देने का काम कर रही है। इसको लेकर सरकार की ओर से एक बड़ी पहल की जा चुकी है। इसके लिए अब देशभर के विश्वविद्यालय और कालेजों में जन स्वास्थ्य से जुड़ा नया कोर्स को शुरू किया जा रहा है।


मास्टर इन पब्लिक हेल्थ से शुरू हो रहा कोर्स
कॉलेज और विश्वविद्यालयों में आयुष्मान भारत योजना के लिए यह कोर्स 'मास्टर इन पब्लिक हेल्थ' नाम से शुरू किया जा रहा है। सरकार की ओर से इसके लिए मंजूरी दे दी गई है। यह कोर्स अगले साल यानी 2019 से विश्वविद्यालय और कालेजों में शुरू हो जाएगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से सभी विश्वविद्यालयों को इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिया है। यह कोर्स शुरू करने के पीछे का मकसद इस खास पाठ्यक्रम के शुरू होने से देश में जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेषज्ञों की कमी खत्म करना है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नया कोर्स ‘मास्टर इन पब्लिक हेल्थ’ 2 वर्षीय पाठ्यक्रम वाला होगा।

आयुष्मान भारत योजना में नौकरियों की भरमार
आयुष्मान भारत योजना से भारतीय युवाओं के लिए लाखों की संख्या रोजगार यानी जॉब्स क्रिए हो रहे हैं। इसमें सबसे प्रमुख जॉब आयुष्मान मित्र यानी ( Ayushman Mitra ) की है जिसमें सैंकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस योजना का ऐलान स्वतंत्रता दिवस के मौके पर किया था। आयुष्मान मित्र बनने के लिए ये दस्तावेज जरूरी ( Documents for Aysuhman Mitra )
(Ayushman Bharat Yojana) आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान मित्र की नौकरी यानी Ayushman Mitra job नौकरी पाना आसान है। इसके लिए आपको किसी भी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से इंटरमीडिएट यानी 12वीं की परीक्षा पास होना जरूरी है। इसके अलावा कंप्यूटर और Internet की बेसिक नॉलेज होना जरूरी है। साथ ही अंग्रेजी, हिंदी और संबंधित राज्य व क्षेत्र की स्थानीय भाषा में बातचीत करने में कुशलता भी जरूरी है।

Published on:
26 Sept 2018 01:09 pm