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साइकोलॉजी में बना सकते हैं बेहतर करियर

ऐसी स्थिति में तनाव से पीडि़त व्यक्ति ऐसे विशेषज्ञों के पास जाते हैं जो उनकी मनोस्थिति को समझकर अच्छे सुझाव दे सकें।

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Sep 24, 2017
Psychology

व्यस्त और तनावभरी जिंदगी में हर कोई दूसरों से आगे बढऩे की होड़ में कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहा है। ऐसे में वे शारीरिक रूप से परेशान होने के साथ ही मानसिक बीमारियों से भी ग्रसित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में तनाव से पीडि़त व्यक्ति ऐसे विशेषज्ञों के पास जाते हैं जो उनकी मनोस्थिति को समझकर अच्छे सुझाव दे सकें। इन्हें ही साइकोलॉजिस्ट या साइकेट्रिस्ट के नाम से जाना जाता है। पहले कि तुलना में इन दिनों इन प्रोफेशनल्स की मांग काफी बढ़ गई है। हालांकि इस क्षेत्र की अधिक जानकारी के अभाव में स्टूडेंट इस विषय में ज्यादा रुचि नहीं लेते हैं। जानें इसके बारे में-

साइकोलॉजी और साइकेट्रिस्ट में अंतर
मनोचिकित्सा में एमडी करने के बाद स्टूडेंट साइकेट्रिस्ट बन सकता है। जबकि साइकोलॉजी में एमए या एमएससी करने वाले स्टूडेंट्स साइकोलॉजिस्ट बनते हैं। वैसे तो दोनों ही प्रोफेशनल हैं। लेकिन फर्क इतना है कि साइकेट्रिस्ट मानसिक रोगों को दूर करने की दवा देता है जबकि साइकोलॉजिस्ट दवा देने की बजाय रोगी की काउंसलिंग करने के साथ साइको याबिहैवियरल थैरेपी आदि देकर मानसिक स्थिति सुधारने का प्रयास करता है। कई बार रोगी को दवा लेने की जरूरत नहीं पड़ती।

कॅरियर ऑप्शन
साइकोलॉजिस्ट के रूप में इसके प्रोफेशनल्स सरकारी व निजी अस्पतालों, क्लीनिक, यूनिवर्सिटी, स्कूल्स, सरकारी एजेंसी, रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन आदि में काम कर सकते हैं। इस क्षेत्र में सैलेरी व्यक्ति के कार्यानुभव पर तय होती है।

जरुरी योग्यता
साइकोलॉजी में बीए या बीए ऑनर्स की डिग्री लेने के लिए स्टूडेंट को कम से कम ५० प्रतिशत अंकों के साथ १२वीं पास होना अनिवार्य है। इसके बाद पीजी या डिप्लोमा करने के लिए ५५ प्रतिशत अंकों के साथ इस विषय में डिग्री प्राप्त होनी चाहिए। स्टूडेंट इस विषय में पीएचडी या एमफिल भी कर सकते हैं। जिसके लिए उसके पास न्यूनतम ५५ प्रतिशत अंकों के साथ साइकोलॉजी में पीजी डिग्री अनिवार्य है।

ये गुण होने चाहिए
सफल साइकोलॉजिस्ट बनने के लिए कम्युनिकेशन स्किल्स के साथ धैर्य और विश्लेषणात्मक समझ होनी चाहिए। साथ ही परिस्थिति के अनुरूप निर्णय लेने की क्षमता होना भी अनिवार्य है। डॉ. परमजीत सिंह, सीनियर प्रोफेसर व इकाई प्रमुख, मनोचिकित्सा विभाग, एसएमएस अस्पताल, जयपुर

ये हैं कोर्सेज
-तीन वर्षीय बीए या बीए ऑनर्स इन साइकोलॉजी
-दो वर्षीय एमए या एमएससी इन साइकोलॉजी
-दो वर्षीय पीजी डिप्लोमा इन साइकोलॉजी
-दो वर्षीय एमफिल इन साइकोलॉजी
सभी सरकारी व निजी कॉलेज, यूनिवर्सिटी ये कोर्सेस होते हैं।

यहां से करें पढ़ाई:
- राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर
- जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणासी
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हैल्थ एंड न्यूरो साइंस, बेंगलूरु
- इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद, यूपी
- दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी , अलीगढ़
-जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली

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Published on:
24 Sept 2017 05:21 pm
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