
CBSE Rechecking Controversy (Patrika)
CBSE Class 12 Rechecking: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कॉपियों की री चेकिंग का मामला अब दो स्टूडेंट्स की शिकायतों से बहुत आगे निकल चुका है। 12वीं कक्षा के दो छात्रों वेदांत और संजना की शिकायतों ने सीबीएसई के नतीजों के बाद की पूरी व्यवस्था और नई ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों छात्रों का आरोप है कि, बोर्ड ने उन्हें जो स्कैन की गई आंसर शीट भेजी है उसमें, उनकी हैंडराइटिंग ही नहीं है। इस विवाद ने पूरे देश में यह बहस छेड़ दी है कि क्या यह सिर्फ एक दो मामले हैं या फिर डिजिटल चेकिंग में बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है।
सीबीएसई ने पारदर्शिता लाने के लिए 13 मई को 12वीं के नतीजे घोषित करने के बाद स्टूडेंट्स को अपनी जांची गई आंसर शीट की स्कैन कॉपी देखने की सुविधा दी थी। शुरुआत में ही स्टूडेंट्स को सर्वर क्रैश होने, फीस जमा न होने और धुंधली स्कैनिंग जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लेकिन हद तो तब हो गई जब बच्चों ने दावा किया कि, उन्हें किसी और की कॉपी भेज दी गई है।
यह विवाद तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया जब 12वीं के स्टूडेंट वेदांत ने सोशल मीडिया पर बताया कि, उसे सीबीएसई ने जो फिजिक्स की आंसर शीट भेजी है वह उसकी है ही नहीं। वेदांत ने साफ कहा कि कॉपी की हैंडराइटिंग, शब्दों के बीच की जगह और लिखने का तरीका उसके तरीके से बिल्कुल अलग है। यह मामला वायरल होने के बाद सीबीएसई बैकफुट पर आ गया। बोर्ड ने वेदांत की शिकायत की जांच की और यह माना कि, उसे गलत कॉपी भेजी गई थी। बोर्ड ने बाद में वेदांत को सही आंसर शीट भेजी और अब उसके नंबर अपडेट किए जा रहे हैं। इससे यह साफ हो गया कि, स्कैनिंग या अपलोडिंग के दौरान बड़ी तकनीकी चूक हुई है।
वेदांत का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि, संजना नाम की एक और स्टूडेंट ने केमिस्ट्री की आंसर शीट को लेकर ऐसी ही शिकायत कर दी। संजना का कहना है कि, उसे जो पीडीएफ कॉपी मिली है उसका सिर्फ पहला पन्ना (जिस पर उसका नाम और रोल नंबर है) उसका है। लेकिन अंदर के सभी पन्नों पर हैंडराइटिंग और लिखे गए जवाब किसी दूसरे बच्चे के हैं। केमिस्ट्री के थ्योरी पेपर में उसे 70 में से केवल 11 नंबर मिले थे जिसे देखकर वह बहुत हैरान थी क्योंकि, उसे ज्यादा अंकों की उम्मीद थी। संजना ने सबूत के तौर पर अपनी अंग्रेजी की कॉपी का हवाला दिया है जिसमें असली हैंडराइटिंग साफ-साफ दिखाई देती है। संजना के परिवार ने सीबीएसई से संपर्क किया है लेकिन, अभी तक बोर्ड की तरफ से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।
यह सवाल अभी भी समझ से परे है कि, यह कॉपियां आखिर थीं किसकी? न तो सीबीएसई ने और न ही किसी आधिकारिक रिकॉर्ड ने यह बताया है कि, यह गलती, स्कैनिंग टैगिंग या अपलोडिंग किस स्तर पर हुई। सोचने वाली बात यह है कि अगर वेदांत को मिली आंसर शीट गलत थी तो उसकी सही आंसर शीट किसी और स्टूडेंट के पास चली गई होगी। ऐसे में इस बात की क्या गारंटी है कि, सीबीएसई की फिजिक्स और केमिस्ट्री की सारी कॉपियां आपस में मिक्स नहीं हुई हैं? इस एक सवाल ने लाखों स्टूडेंट्स के भविष्य और बोर्ड की पूरी चेकिंग प्रणाली पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
Updated on:
26 May 2026 12:41 pm
Published on:
26 May 2026 12:41 pm
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