22 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CBSE की वेबसाइट पर बड़ी गड़बड़ी, री-चेकिंग की फीस 69,000 रुपये, अभिभावकों ने की PMO से शिकायत

CBSE Revaluation 2026: सीबीएसई 12वीं की आंसर शीट और री-चेकिंग पोर्टल पर बड़ी तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है। वेबसाइट पर प्रति विषय 69 हजार रुपये फीस दिखाई दे रही है। गड़बड़ी से परेशान हेकर अभिभावकों ने की PMO से शिकायत जानिए क्या है पूरा मामला।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Mohsina Bano

May 22, 2026

CBSE revaluation 2026 portal glitch

CBSE Revaluation 2026 (Image Credit- X)

CBSE Portal Glitch:केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा की आंसर शीट की फोटोकॉपी और री-चेकिंग की प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। सीबीएसई के आधिकारिक पोर्टल पर एक बड़ी तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है जिसने, स्टूडेंट्स और पेरेंट्स की नींद उड़ा दी है। वेबसाइट पर री-चेकिंग की फीस 1 रुपये से लेकर 69 हजार 420 रुपये प्रति विषय तक दिखाई दे रही है। इस भारी गड़बड़ी और लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं से परेशान होकर एक अभिभावक ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखकर दखल देने की मांग की है।

फीस देखकर उड़े छात्रों के होश

सोशल मीडिया पर कई स्टूडेंट्स और अभिभावकों ने वेबसाइट के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं। इन तस्वीरों में फीस की रकम में अजीबोगरीब बदलाव देखे जा सकते हैं। एक स्क्रीनशॉट में तो भौतिक विज्ञान (फिजिक्स), रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री), गणित और अंग्रेजी के लिए प्रति विषय 69 हजार 420 रुपये की फीस दिखाई गई जिससे चार विषयों का कुल बिल 2 लाख 77 हजार 680 रुपये हो गया।

कुछ अन्य यूजर्स ने बताया कि, फीस पहले 1 रुपये दिखीफिर 69.67 रुपये हुई इसके बाद 8 हजार रुपये और फिर सीधे 69 हजार के पार पहुंच गई। इस गड़बड़ी के कारण हजारों स्टूडेंट्स अपना फॉर्म जमा नहीं कर पा रहे हैं।

परेशान पिता ने पीएमओ को लिखा पत्र

पोर्टल की इन कमियों से परेशान होकर 12वीं क्लास के स्टूडेंट के पिता हर्ष खरबंदा ने प्रधानमंत्री को एक विस्तृत पत्र लिखा है। पत्र में बताया गया है कि, सीबीएसई ने पहले री-चेकिंग की तारीख 18 से 22 मई तय की थी जिसे बाद में 19 से 22 मई कर दिया गया। आधी रात को भी वेबसाइट पर लॉगिन करने की कोशिशें नाकाम रहीं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि, सीबीएसई की हेल्पलाइन पूरी तरह से बेकार है क्योंकि वहां सिर्फ एक रिकॉर्ड की गई आवाज (IVR) सुनाई देती है और कोई अधिकारी बात नहीं करता। हालांकि, उन्होंने शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी श्याम सुंदर की तारीफ की जिन्होंने उनकी समस्या सुनी और मामले को आगे बढ़ाया।

पीएमओ से की गई ये प्रमुख मांगें

अभिभावकों ने पीएमओ को लिखे पत्र में छात्रों के मानसिक तनाव का हवाला देते हुए कुछ अहम मांगें रखी हैं:

  • री-चेकिंग के लिए आवेदन की समय सीमा कम से कम 7 से 10 दिन बढ़ाई जाए।
  • स्टूडेंट्स की शिकायतें सुनने के लिए एक पारदर्शी और बेहतर सिस्टम बनाया जाए।
  • ऐसे हेल्पलाइन नंबर चालू किए जाएं जिन पर अधिकारी सीधे बात कर सकें।
  • पोर्टल पर आ रही तकनीकी गड़बड़ियों को तुरंत ठीक किया जाए।

सीबीएसई की तरफ से कोई जवाब नहीं

हैरानी की बात यह है कि, वेबसाइट पर फीस के इस अजीबोगरीब आंकड़े और सर्वर क्रैश होने की समस्या पर सीबीएसई की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण नहीं आया है। लाखों स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता अब सही समाधान और पोर्टल के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं।