
Global Youth Tobacco Survey India (Image- Gemini)
Tobacco Addiction in India: भारत में स्कूली बच्चों के बीच तंबाकू और निकोटिन की लत एक बड़ी और गंभीर समस्या बनती जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 13 से 15 साल की उम्र के लगभग 8.5 फीसदी स्कूली बच्चे किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। इस चिंताजनक स्थिति को देखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में एक राष्ट्रीय परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें, विशेषज्ञों ने जागरूकता और सख्त कदम उठाने की जरूरत बताई।
31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है, इसी अवसर पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के सामाजिक कार्य विभाग और सोशियो इकोनॉमिक्स एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (SEEDS) की ओर से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस परामर्श का मुख्य विषय आकर्षण को बेनकाब करना और निकोटिन व तंबाकू की लत का मुकाबला करना रखा गया था। इस मौके पर जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं और युवा प्रतिनिधियों ने युवाओं को तंबाकू से बचाने के लिए तुरंत और मजबूत कदम उठाने की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के आंकड़ों पर विस्तार से चर्चा की गई। रिपोर्ट के अनुसार:
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि, केवल सीधे तौर पर नशा करने वाले बच्चे ही खतरे में नहीं हैं। लगभग 29.5 फीसदी स्टूडेंट्स ऐसे हैं जो खुद नशा नहीं करते लेकिन दूसरों के धूम्रपान करने (पैसिव स्मोकिंग) के कारण इसके संपर्क में आ रहे हैं और उनके स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि, अगर समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ी के लिए इसके परिणाम बहुत खतरनाक होंगे। इसके लिए सरकार, स्कूल प्रशासन और माता-पिता सभी को मिलकर सख्त कदम उठाने होंगे।
Published on:
26 May 2026 11:48 am
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