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CBSE Marking Scheme 2026: अब कॉपी चेकिंग में नहीं होगी कोई गड़बड़ी, CBSE ने शुरू की ऑन-स्क्रीन चेकिंग

CBSE Marking Scheme 2026: सीबीएसई ने कॉपी जांचने के लिए डिजिटल 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' सिस्टम लागू किया है। अब टोटलिंग की गलती नहीं होगी और रिजल्ट भी जल्द जारी होंगे। जानिए छात्रों और सिस्टम पर इसका क्या होगा असर।

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भारत

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Mohsina Bano

Apr 21, 2026

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CBSE Marking Scheme 2026 (Image- Official Website)

CBSE Marking Scheme 2026 Explained: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड अब पूरी तरह से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम की ओर कदम बढ़ा चुका है। इस नई व्यवस्था का मकसद इवैल्यूएशन प्रोसेस को तेज बनाने के साथ ही मानवीय गलतियों को कम करना है। डिजिटल कैलकुलेशन के कारण अब नंबर की टोटलिंग में होने वाली गलतियों की गुंजाइश खत्म हो जाएगी, जिससे रिजल्ट के बाद री-कैलकुलेशन की जरूरत भी कम होगी।

CBSE On Screen Marking system 2026: क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग?

इस नई व्यवस्था के तहत, स्टूडेंट्स एग्जाम पहले की तरह ही कागज और पेन से देते हैं। एग्जाम के बाद इन उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिया जाता है। शिक्षकों को कॉपियां नहीं बांटी जातीं, बल्कि वे अपने क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके डिजिटल स्क्रीन पर कॉपियों की जांच करते हैं। बोर्ड ने इसके लिए शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग भी दी है ताकि कैलकुलेशन में कोई कमी न रहे।

CBSE Copy Checking New Rules: मार्किंग स्कीम में क्या हुए बदलाव?

सीबीएसई ने साफ किया है कि भले ही कॉपी जांचने का तरीका डिजिटल हो गया हो, लेकिन छात्रों के लिए मार्किंग स्कीम, वेटेज और उत्तरों के मूल्यांकन के पैरामीटर पहले जैसे ही रहेंगे। डिजिटल सिस्टम के लागू होने के ये फायदे होंगे।

  • सटीक गणना: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अंक देते समय सिस्टम खुद ही टोटलिंग करता है, जिससे कैलकुलेशन में गलती नहीं होती।
  • तेजी से रिजल्ट: डिजिटल प्रोसेस के कारण जो काम पहले 12 दिनों में होता था, वह अब मात्र 9 दिनों में पूरा हो रहा है।
  • ट्रांसपेरेंसी: हर क्वेश्चन पर मिलने वाले अंकों का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहता है।

CBSE Result 2026 Updates: स्टूडेंट्स और टीचर्स के लिए क्या बदलेगा?

  • स्टूडेंट्स के लिए: चूंकि कॉपियां स्क्रीन पर जांची जा रही हैं, इसलिए अब साफ-सुथरी लिखावट का महत्व बढ़ गया है। अस्पष्ट लिखावट से मूल्यांकन में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा स्टूडेंट्सको अब अपने रिजल्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
  • टीचर्स के लिए: अब टीचर्स को कॉपियां चेक करने के लिए किसी विशेष मूल्यांकन केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं है। वे अपने ही स्कूल से डिजिटल लॉगिन करके यह काम पूरा कर सकते हैं, जिससे उनकी नियमित पढ़ाई का काम भी प्रभावित नहीं होता।

CBSE Class 12 Result Evaluation Process: री-टोटलिंग की जरूरत नहीं

बोर्ड का मानना है कि इस बार रिजल्ट के बाद कॉपी दोबारा चेक करवाने या अंकों के सत्यापन के मामलों में भारी कमी आएगी। डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम इतना सटीक है कि इसमें अंकों के छूटने या गलत जोड़ने की संभावना न के बराबर है। बोर्ड का यह कदम भविष्य में बोर्ड परीक्षाओं को और अधिक भरोसेमंद और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।