
चार राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के नतीजे आज सामने आ रहा है। इन नतीजों ने कांग्रेस के साथ ही निर्दलीय उम्मीदवारों को जोरदार झटका दिया है। दरअसल, निर्दलीय उम्मीदवार अक्सर त्रिशंकु विधानसभा के समय महत्वपूर्ण होते है। बड़ी पार्टियां जब किसी चुनाव में कुछ सीटों से सरकार बनाने में चूंक जाती है तो ऐसे में निर्दलीय विधायक सरकार को समर्थन देने के बदलने में बड़ी डील करते हैं। ऐसे में आज मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में भाजपा और कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलने के आसार है। ऐसे में यह कांग्रेस के साथ ही निर्दलीयों के लिए किसी झटके से कम नहीं है।
निर्दलीयों ने बनाया थे MP और राजस्थान में सरकार
मध्य प्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में मध्य प्रदेश और राजस्था में भाजपा और कांग्रेस में किसी को बहुमत नहीं मिला था। हालाकिं दोनों ही राज्य में कांग्रेस बड़ी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। ऐसे में मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस ने निर्दलीय के सहारे सरकार बनाई।
हालांकि राजस्थान में कांग्रेस ने किसी तरह से अपनी सरकार बचा लीं और पांच साल तक सरकार चलाया। लेकिन मध्य प्रदेश में सिंधिया के समर्थन वापस लेने के बाद कमलनाथ की सरकार गिर गई और भाजपा ने कांग्रेस के बागियों और निर्दलीयों के सहारे अपनी सरकार चलायी।
चारों राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के विधानसभा चुनाव में आए रुझानों के मुताबिक चारों राज्यों में स्पष्ट बहुमत की सरकार बनने के प्रबल आसार है। मध्य प्रदेश में भाजपा 160 सीट से ज्यादा सीटों पर राजस्थान में 110 से ज्यादा सीटों पर छत्तीसगढ़ में 50 से ज्यादा सीटों पर अपनी बढ़त बनाई है। वहीं, तेलंगाना में कांग्रेस ने सत्तारूढ़ के चंद्रशेखर राव की पार्टी भारत राष्ट्र समिति को तगड़ा झटका देते हुए 119 विधानसभा वाली सीटों में से 65 सीटों पर कब्जा जमाया है।
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