Telangana elections 2023: अपने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीमनगर में मुस्लिम अल्पसंख्यक नेताओं से मुलाकात की।
तेलंगाना में 30 नवंबर को नई सरकार के लिए वोटिंग होने वाली है। पिछले 10 सालों से राज्य में भारत राष्ट्र समिती की सरकार है। वहीं, इस चुनाव में कांग्रेस जहां सत्ता की राह देख रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी को उम्मीद है कि इस चुनाव से उसे राज्य में बड़े स्तर पर समर्थन मिलेगा। इसी उम्मीद में भाजपा की टॉप लीडरशीप लगातार सूबे में कैंप कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा, यूपी के मुख्यमंत्री अमित शाह, असम के मुख्यमंत्री हिंमता बिस्वा सरमा समते कई केंद्रीय मंत्रीयों ने तेलंगाना में जनसभा और रोड शो किया। वहीं, अपने आखिरी चुनाव प्रचार के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीमनगर में मुस्लिम अल्पसंख्यक नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी का मुख्य फोकस पसमांदा मुसलमानों पर था, जो समुदाय में सबसे पिछड़े और सामाजिक रूप से उत्पीड़ित हैं।
सच्चर कमेटी की सिफारशें लागू करेगी सरकार- प्रधानमंत्री मोदी
मुस्लिम अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता असफर भाषा ने बताया कि उन्होंने (पीएम) हमसे कहा कि मुसलमान हर क्षेत्र में बहुत टैलेंटेड हैं और भाजपा सरकार हमारे उत्थान के लिए सब कुछ करेगी और हमें बढ़ने में भी मदद करेगी।'' यह छोटी सी मीटिंग करीमनगर में जनसभा स्थल के करीब हेलीपैड पर आयोजित की गई थी। पीएम ने मुस्लिम नेताओं से कहा कि उनकी सरकार सच्चर कमेटी की सिफारिशों के आधार पर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में मुसलमानों के लिए और अधिक कल्याणकारी योजनाएं शुरू करेगी।
पीएम मोदी ने अल्पसंख्यक मोर्चा के नेताओं से बैठक में कहा, ''आपको समुदाय को उन छात्रवृत्तियों के बारे में बताना चाहिए जो हम अल्पसंख्यक छात्रों को प्रदान कर रहे हैं। तेलंगाना में मुस्लिम समुदाय के साथ आउटरीच कार्यक्रम अच्छे चल रहे हैं। पसमांदा मुसलमानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।''
भाजपा का फोकस पसमांदा मुसलमान
समुदाय तक पहुंचने के अपने नए प्रयास में, पीएम मोदी ने नेताओं से इस धारणा को दूर करने के लिए भी कहा कि उनकी सरकार कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने में मुसलमानों के साथ भेदभाव करती है। हैदराबाद में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने भाजपा नेताओं से पसमांदा मुसलमानों पर अपना ध्यान केंद्रित करने और उनके उत्थान के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।
मुस्लिम नेताओं ने भी कहा कि वे पीएम मोदी की आउटरीच में विश्वास करते हैं। करीमनगर के उम्मीदवार, हिंदुत्व कार्ड के 'पोस्टर बॉय' बंदी संजय ने भी अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं से मुलाकात की।
2018 में बीआरएस को मिली थी 88 सीटें
2018 के विधानसभा चुनाव में बीआरएस ने 119 सदस्यीय विधानसभा में 88 सीटें हासिल की थीं। अब वह यहां लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस और भाजपा दोनों सत्ता हासिल करने की कोशिश में हैं।