Puducherry Assembly Election 2021 में मंगलवार तक 49 लोग कर चुके हैं नामांकन, बीजेपी और कांग्रेस की ओर से जारी हुई प्रत्याशियों की पहली लिस्ट, 19 मार्च तक होगा नामांकन।
Puducherry Assembly Election 2021। देश के पांच राज्यों में होने वाले चुनावी महासमर में उतरने के लिए नेताओं का तांता लग चुका है। हर कोई नाकांकन फाइल करने में जुटा हुआ है। बात पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2021 ( Puducherry Assembly Election 2021 ) बात करें तो यहां भी प्रत्याशी दूसरे प्रदेशों के प्रत्याशियों से पीछे नहीं है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 16 मार्च तक प्रदेश में 49 नेताओं ने अपने विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लडऩे के लिए नाकांकन कर दिया है। वहीं दूसरी ओर देश की दो बड़ी पार्टयों कांग्रेस और बीजेपी की ओर से मंगलवार देर रात अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। आपको बता दें कि प्रदेश में चुनाव लडऩे के लिए 19 मार्च तक नामांकन भरे जा सकते हैं।
अब तक 49 का नामांकन
पुडुचेरी इलेक्शन डिपार्टमेंट की ओर से प्रेस नोट के अनुसार 17 मार्च तक 49 लोगों की ओर से नामांकन फाइल किया गया है। जिसमें पॉलिटिकल पार्टियों के अलावा निदर्लीय उम्मीदवार भी शामिल हैं। प्रेस नोट से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक सबसे ज्यादा डीएमके के 11 प्रत्याशियों की ओर से नामांकन भरा है। उसके बाद एआईएनआरसी की ओर से 10, निर्दलीयों की ओर से 9, बीजेपी 6, कांग्रेस 5 और एआईएडीएमके के 4 उम्मीदवारों की ओर से नामांकन भर दिया गया है।
कांग्रेस ने जारी की लिस्ट
कांग्रेस की ओर 14 विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है। कांग्रेस कुल 15 सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी। वहीं सहयोगी पार्टी डीएमके 13, सीपीआई और वीसीके 1-1 सीट से चुनाव लड़ेगी। जबकि पिछली बार कांग्रेस की ओर से 21 सीटों से चुनाव लड़ा था। वहीं दूसरी ओर बीजेपी की ओर से देर शाम 9 लोगों की सूची जारी की है। बीजेपी ने लाब्सपेट से वी समिनाथन, मन्नाडीपेट से ए नमस्सिवायम्, उसुडु से साईजे सरवण कुमार, कामराज नगर से ए जॉनकुमार, कालापेट से पीएमएल कल्याणसुंदरम्, नेल्लित्तोप से विविलियन रिचड्र्स जॉनकुमार, मनवेली से एम्बालम् आर सेल्वम्, तिरूनल्लार से जीएनएस राजशेखरन, नेरवी टीआरपट्टिनम से वीएमसीएस मनोहरन को टिकट दिया है।
प्रदेश में लगा हुआ है राष्ट्रपति शासन
मौजूदा समय में प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। कुछ दिन पहले यहां पर कांग्रेस की सरकार थी और वी नारायणसामी प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। अल्पमत में सरकार गिरने के बाद किसी भी पार्टी से सत्ता का दावा नहीं किया। तब से वहां पर राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद पार्टियों को एक बार फिर सत्ता के लिए जोर आजमाइश का मौका मिल गया है। पुडुचेरी विधानसभा की 33 सीटों में से 30 विधायकों का चुनाव जनता के द्वारा वोटिंग के माध्यम से होता है। जबकि 3 का चयन केंद्र सरकार की ओर से होता है। यानी केंद्र में जिस पार्टी की सरकार होगी, उसी के तीन मेंबर आ जाएंगे। विधानसभा भंग होने से पहले कांग्रेस के पास 15 विधायक, ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के पास 8, एआईएडीएमके के पास 4 और डीएमके के पास 3 सीटें थीं। बहुमत के लिए राज्य में 16 सीटों की जरूरत है।