Puducherry Assembly Election 2021 के तहत 6 अप्रैल को होगा मतदान, 30 विधानसभा सीटों की जनता डालेगी वोट। 2 मई को आ जाएंगे पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2021 के नतीजे।
Puducherry Assembly Election 2021। देश में चुनावी माहौल पूरी तरह से सेट हो चुका है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों से लेकर नामांकन और मतगणना की तारीख भी सामने आ चुकी है। इनमें से पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2021 ( Puducherry Assembly Election 2021 ) भी है। खास बात तो ये है कि यहां पर 33 विधायक हैं, लेकिन मतदान 30 विधानसभा सीटों पर होता है। बाकी 3 विधायकों को राष्ट्रपति द्वारा नामित होते हैं। इस केंद्र शासित राज्य में चुनाव कह प्रक्रिया शूरू हो चुकी है। आइए आपको भी बताते हैं कि यहां की पूरी जानकारी...
इन 30 सीटों पर होगा 6 अप्रैल को मतदान
पुडुचेरी में मन्नादिपेट, थिरुभुवाने, ओउस्सुदु, मंगलम, विल्लिअनुर, उझवार्करई, कादिरगमम, इंदिरा नगर, थांचनवाडी, कामराज नगर, लावसपेट, कालापेट, मुथियालपेट, राज भवन, औपलाम, ओरलीमेपेथ, नेलिथोप, मुदलियारपेट, अरियांकुप्पम, मनावेली, एम्बलम, नेट्टपक्कम, बहोर, नेडुंगाडु, तिरुनल्लार, कराईकल उत्तर, कराईकल दक्षिण, निरवी, माहे और यानम विधानसभा सीटें हैं। जहां पर 6 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।
19 मार्च तक नामांकन, 22 मार्च तक नाम वापसी
- नामांकन की शुरूआत 12 मार्च से हो चुकी है।
- नामांकन करने कह अंतिम तारीख 19 मार्च है।
- 20 मार्च तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।
- 22 मार्च तक नामांकन वापस लिया जा सकता है।
- मतदान का दिन 6 अप्रैल रखा गया है।
- 2 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आ जाएंगे।
चुनाव से पहले ही लागू हो गया था राष्ट्रपति शासन
ताज्जुब की बात तो ये है कि मतदान होने अभी वक्त बाकी है और प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। कुछ दिन पहले यहां पर कांग्रेस की सरकार थी और वी नारायणसामी प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। जब से विधानसभा चुनावों का ऐलान हुआ है, तब से एक बार फिर से प्रमुख पार्टियों की ओर से सत्ता हाथ में लेने की जोर आजमाइश शुरू हो गई है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद पार्टियों को एक बार फिर सत्ता के लिए जोर आजमाइश का मौका मिल गया है। पुडुचेरी विधानसभा की 33 सीटों में से 30 विधायकों का चुनाव जनता के द्वारा वोटिंग के माध्यम से होता है। जबकि 3 का चयन केंद्र सरकार की ओर से होता है। यानी केंद्र में जिस पार्टी की सरकार होगी, उसी के तीन मेंबर आ जाएंगे। विधानसभा भंग होने से पहले कांग्रेस के पास 15 विधायक, ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के पास 8, एआईएडीएमके के पास 4 और डीएमके के पास 3 सीटें थीं। बहुमत के लिए राज्य में 16 सीटों की जरूरत है।