इटावा

इकाना स्टेडियम का नाम बदलने से नहीं, यह बनाने से दी जा सकती है अटल जी को असली श्रद्धांजलि- अखिलेश

अखिलेश ने बताया कि उनके समक्ष कई लोगों ने इस बात की शिकायत की है कि जिस ढंग से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक के बाद एक जिलों के अलावा प्रतिष्ठानों के नाम को बदलने में जुटी हुई है।

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Nov 06, 2018
Akhilesh Yadav

दिनेश शाक्य.
इटावा. दीपावली के एक दिन पहले अपने पैतृक गांव सैफई पहुंचे समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक विशेष भेंट में बताया कि उनके समक्ष कई लोगों ने इस बात की शिकायत की है कि जिस ढंग से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक के बाद एक जिलों के अलावा प्रतिष्ठानों के नाम को बदलने में जुटी हुई है। उसे देख करके ऐसा लग रहा है कि एक ना एक दिन वो लोगों के नामों को भी बदलने में भी जुट सकती है। दीपावली पर्व पर सैफई में उनसे कई लोगों ने मुलाकात करके ऐसी शिकायतें की है। लोगों की शिकायतें सुनने के बाद वो खुद भी हैरत में पड़ गए।

दअसल ऐतिहासिक महत्व के इलाहबाद शहर के अलावा लखनऊ में बनाये गये इकाना इंटरनेश्नल किक्रेट स्टेडियम का नाम बदले जाने को लेकर लोगों की ओर से इस तरह के सवाल उठना शुरू हो गए हैं। इलाहबाद का नाम बदल कर प्रयागराज किया गया है, तो लखनऊ में बनाये गये इकाना इंटरनेशनल भव्य स्टेडियम का नाम बदल कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर रख दिया गया है। इन्ही सब को देख कर लोगों को ऐसा लगने लगा है कि कहीं योगी सरकार उनके नाम में बदलाव ना शुरू कर दें। सैफई में उनसे मिलने आये कई लोगों ने इस तरह की आंशकाओं से भरी शिकायतें भी की है।

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अटल जी के पैतृक गांव भाजपा को बनाना चाहिए आलीशान अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम-

उनका कहना है कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के नाम का प्रयोग लखनऊ के भव्य इंटरनेशनल किक्रेट स्टेडियम के तौर पर कर लिया गया है, लेकिन अच्छा यह होता है कि अटल जी के नाम पर भाजपा उनके पैतृक गांव बटेश्वर में आलीशान अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम बनाती। यहीं अटल जी को असल श्रद्धाजंलि मानी जाएगी। उनका कहना है कि असल में इकाना भगवान विष्णु का नाम है, लेकिन भाजपा वोट के लिए कुछ भी कर सकती है। यह प्रमाणित है।
उन्होंने बताया कि इससे सरकार की मानसिकता साफ तौर पर दिखाई दे रही है कि सरकार नामकरण की आड़ में क्या संदेश देना चाह रही है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर से समाजवादी सरकार काबिज होने पर राज्य के कम से कम दस जिलों में इंटरनेशलन स्तर के स्टेडियमों का निर्माण कराया जायेगा ताकि खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए भटकना ना पड़े।

सत्ता में आने पर यह काम किए जाएंगे पूरे-

उन्होने बताया कि उनके पास चंबल की तस्वीर बदलने के लिए कई प्लान हैं, जो उनकी सरकार काबिज होने पर लागू किये जाएंगे। उनकी सरकार में निर्मित कराये गये विश्वस्तरीय इटावा सफारी पार्क के शुभारंभ ना कराये जाने को लेकर उन्होंने योगी सरकार को कटधरे में खड़ा करते हुए कहा कि विश्वस्तरीय इस पार्क की अहमियत फिलहाल सरकार के प्रतिनिधि नहीं समझ रहे हैं, लेकिन उनकी सरकार आने पर इस प्रोजेक्ट को पर्यटकों के लिए और बेहतर करने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि इटावा के बीहडो में भगवान विष्णु के नाम पर शहर बसाने की बात पिछले दिनों ही कही थी। सरकार के काबिज होने पर इस योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा।

अखिलेश ने मनाई दीपावली-

इससे पहले सोमवार शाम और मंगलवार दोपहर सैफई में अपने आवास पर दीपावली पर कन्नौज, इटावा, मैनपुरी, कानपुर, फिरोजाबाद, आगरा आदि जिलों से मिलने आये समर्थकों व पार्टी कार्यकर्त्ताओं को उन्होने बधाईयॉ दी। उन्होने पार्टी कार्यकर्त्ताओं को आगाह करते हुए कहा कि भाजपाई झूठ के सहारे सत्ता में काबिज हुई, लेकिन अब इनका झूठ चलने वाला नहीं है। कार्यकर्त्ता भाजपाईयों की चालों को समझे।

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Published on:
06 Nov 2018 05:29 pm
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