इटावा

सपा के गढ़ में पहुंची वंदे भारत एक्सप्रेस बनी लोगों के कौतूहल का विषय

देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस शुक्रवार से शुरु हो गई।
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Feb 15, 2019
Vande Bharat express
Vande Bharat express

इटावा. देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस शुक्रवार से शुरु हो गई। दोपहर दो बजकर 8 मिनट पर यह समाजवादी पार्टी के गढ़ इटावा पहुंची जहां लोगों में यह कौतूहल का विषय बन गई। इटावा रेलवे जक्शंन अधीक्षक पूरन सिंह मीना ने शुक्रवार को बताया कि दोपहर दो बजकर 8 मिनट पर वंदे भारत एक्सप्रेस के इटावा जंक्शन स्टेशन पर से गुजरने के दौरान यहॉ के लोग इसे देखते ही रह गए।

ट्रेन की बनावट बिल्कुल बुलैट ट्रेन की तरह-

उन्होने बताया कि नई दिल्ली से बनारस तक शुरु हुई यह विशेष ट्रेन दोपहर 2 बजकर 8 मिनट पर जब इटावा जंक्शन से गुजरी तो लोग इस अत्याधुनिक ट्रेन को निहारते ही रह गए। ट्रेन की बनावट बिल्कुल बुलैट ट्रेन की तरह है। इसमें यात्रा करने वाले यात्रियों को सुखद सफर की अनुभूति होगी। पहले दिन रेल मंत्री सहित रेलवे बोर्ड के अधिकारियों व कई सांसदों ने पहली यात्रा की।

17 फरवरी से आम जनता कर सकेगी सफर-

आम जनता 17 फरवरी से विधिवत इस विशेष ट्रेन से यात्रा कर सकेगी। 160 से दो सौ किलो मीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम वंदेभारत एक्सप्रेस का ट्रायल 29 दिसम्बर को 130 किलो मीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हुआ था। हालांकि मुख्य संरक्षा आयुक्त ने ट्रेन को 160 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की हरी झंडी दे दी है, लेकिन पहले दिन यह ट्रेन 130 किलो मीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पास हुई। वैसे तो इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को झंडी दिखाकर रवाना करना था, लेकिन गुरुवार को हुए आतंकी हमले के कारण रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेन को झंडी दिखाई और रेलवे बोर्ड के अधिकारियों व कई सांसदों के साथ इसमें बैठकर यात्रा भी की।

फोटो खींचने लगे लोग-

जिन स्टेशनों से यह ट्रेन गुजरी लोग इसे निहारते ही रह गए। ट्रेन को देखते ही यात्रियों के मोबाइल भी निकल आए और लोगों ने इसके फोटो भी खींचे। वैसे तो ट्रेन की रफ्तार 130 किलो मीटर प्रतिघंटे की है, लेकिन इटावा यार्ड में कर्ब होने के कारण इसकी रफ्तार 110 किलो मीटर रही।

ट्रेन की सुरक्षा को लेकर इटावा जंक्शन व आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। स्टेशन अधीक्षक पूरनमल मीना, यातायात निरीक्षक डीएस मीना, वाणिज्य निरीक्षक नरेश मीना, आरपीएफ इंस्पेक्टर बीके शर्मा, उप स्टेशन अधीक्षक संतोष उपाध्याय, सीआईटी संतोष कुमार व अन्य अधिकारी डटे रहे।

Updated on:
15 Feb 2019 10:01 pm
Published on:
15 Feb 2019 10:01 pm