पति के खिलाफ पत्नी के चुनाव लड़ने की घोषणा से कार्यकर्ताओं के बीच अजीबो गरीब स्थिति रहने की संभावनाएं हैं।
इटावा. इटावा संसदीय सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी मृदुला कठेरिया अपने पति व भाजपा उम्मीदवार डा. राम शंकर कठेरिया के खिलाफ चुनाव लड़ने जा रही है। इटावा संसदीय सीट के चुनाव में यह पहला मौका है जब पति-पत्नी आमने-सामने आ गये हों। मंगलवार को नामांकन के आखिरी दिन मृदुला कठेरिया ने जिला निर्वाचन अधिकारी जे.बी.सिंह के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।नामांकन के बाद मदुला कठेरिया ने बताया कि इटावा संसदीय सीट से चुनाव मैदान में उतरना उनका निजी फैसला है। इससे भरतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार व उनके पति डा. रामशंकर कठेरिया से कोई लेना देना नहीं है।
पति से जुड़े सवालों से बचीं-
इन सबके बावजूद डा.रामशंकर कठेरिया की मुखालफात से जुड़े हुए सवालों से उनकी पत्नी मृदुला बचती हुई नजर आईं। पति के खिलाफ पत्नी के चुनाव लड़ने की घोषणा से कार्यकर्ताओं के बीच अजीबो गरीब स्थिति रहने की संभावनाएं हैं।
पति ने नामांकन दाखिल करते वक्त साथ नहीं आई थीं पत्नी-
5 अप्रैल को इटावा ससंदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डा.रामशंकर कठेरिया ने अपना नामांकन दाखिल किया था। उस वक्त उनकी पत्नी मृदुला कठेरिया उनके साथ नहीं आई थी। मंगलवार को जब इस संबध में मृदुला से पत्रकारों ने वार्ता की तो उन्होंने इस बाबत अपनी नाराजगी भी जताई, लेकिन अपने पति की जीत की कामना करने से वह नहीं चूकी।