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Etawah News:सिंबा-सुल्तान को मिली ‘जंगल की रानी’, इटावा सफारी में शुरू होगी नई प्रेम कहानी!

Etawah Lion Safari:इटावा सफारी पार्क में जन्मे शेर सिंबा और सुल्तान के लिए रोहतक से शेरनी सुधा लाई जाएगी। बदले में नर शेर विश्वा भेजा जाएगा। स्वास्थ्य जांच के बाद यह वन्यजीव विनिमय प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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इटावा, इटावा सफारी पार्क से एक दिलचस्प और खुशखबरी भरी खबर सामने आई है। यहां जन्मे पहले शावक ‘सिंबा’ और ‘सुल्तान’ अब नौ साल के हो चुके हैं और उनके लिए जोड़ीदार की तलाश आखिरकार पूरी हो गई है। सफारी प्रशासन ने हरियाणा के रोहतक प्राणी उद्यान से शेरनी ‘सुधा’ को लाने की तैयारी पूरी कर ली है।अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो जल्द ही शेरनी सुधा इटावा सफारी में नजर आएगी। इसके बदले में सफारी से नर शेर ‘विश्वा’ को रोहतक भेजा जाएगा। वन्यजीवों के इस विनिमय पर दोनों संस्थानों के बीच सहमति बन चुकी है और अब केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

सफारी के पहले शावक हैं सिंबा और सुल्तान

सिंबा और सुल्तान का जन्म अक्टूबर 2016 में सफारी के ब्रीडिंग सेंटर में हुआ था। ये दोनों यहां जन्म लेने वाले पहले शावक माने जाते हैं, जिससे इनका विशेष महत्व भी जुड़ा है। इनकी मां शेरनी जेसिका और पिता शेर मनन हैं। बीते नौ वर्षों में इनका पालन-पोषण विशेष देखरेख में किया गया और अब ये पूरी तरह वयस्क हो चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस उम्र में ये प्रजनन के लिए पूरी तरह सक्षम हो जाते हैं। यही वजह है कि सफारी प्रशासन काफी समय से इनके लिए उपयुक्त जोड़ीदार की तलाश कर रहा था, ताकि इनके जरिए प्रजाति के संरक्षण और संख्या बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सके।

दो बार मां बन चुकी है शेरनी सुधा

शेरनी सुधा का चयन भी खास वजहों से किया गया है। वह पहले ही दो बार मां बन चुकी है, जिससे उसके प्रजनन अनुभव को देखते हुए उसे बेहतर विकल्प माना गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सफारी में शेरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य जांच के बाद होगा स्थानांतरण

शेरनी सुधा को इटावा लाने से पहले उसकी पूरी स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी। इसके लिए उसके सैंपल भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) और नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (NCBS) भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद ही उसे सफारी में लाया जाएगा।इटावा सफारी के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल और वन्यजीव चिकित्सक डॉ. रोबिन यादव ने हाल ही में रोहतक प्राणी उद्यान का दौरा कर इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया है।