बर्लिन में मिले बम को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसकी वजह से कई इलाकों को खाली करवाया गया है।
बर्लिनः द्वितीय विश्व युद्ध की यादें एक बार फिर से ताजी हो गई हैं। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में द्वितीय विश्व युद्ध का बम मिलने के बाद उसे निष्क्रिय करने के लिए शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोगों से यहां से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बर्लिन हौप्तबानहोफ (रेलवे स्टेशन), सैन्य अस्पताल, आर्थिक और परिवहन मंत्रालयों को खाली करवाया गया है। इसके अलावा इंडोनेशिया और उजबेकिस्तान के दूतावसों को भी खाली कराया गया है।
परिवहन पर पड़ा असर
रेलवे कंपनी ड्यूश बान और अन्य परिवहन संचालकों ने ट्रेनों, ट्रैम्स और बसों की सेवा बाधित रहने की चेतावनी जारी है। पुलिस ने कहा कि फिलहाल इस 500 किलोग्राम के ब्रिटेन के बम से कोई खतरा नहीं है जो बुधवार रात हीडेसट्रैसे में बरामद हुआ। इस बम को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया दोपहर शुरू की गई। प्रशासन ने कहा कि यहां से सात किलोमीटर दूर तीगल हवाईअड्डे पर विमानों का परिचालन प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन बम मिलने वाले इलाके के ऊपर से विमानों को उड़ने की इजाजत नहीं दी गई है।
ब्रिटेन ने गिराया था बम
जो बम बर्लिन में मिला है उसे आज से करीब 80 साल पहले ब्रिटेन ने गिराया था। साल 1939 से 1945 तक चले इस युद्ध में उस समय यह बम नहीं फटा था। अब इस बम के मिलने से ब्रिटेन में हड़कंप मच गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस बम से किसी को डरने की जरुरत नहीं है लेकिन फिर भी सुरक्षा के मद्देनजर यहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
द्वितीय विश्वयुद्ध में हुई थी भारी तबाही
द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान भारी तबाही हुई थी। इस महायुद्ध में पांच से सात करोड़ लोगों की जानें गईं थीं। विश्व इतिहास में पहली बार परमाणु बम का भी इस्तेमाल हुआ था। जापान के दो शहरों पर अमरीका ने परमाणु बम गिरा कर भारी तबाही मचाई थी। इस युद्ध में कई देशों के लगभग दस करोड़ सैनिकों ने हिस्सा लिया था।