
जेडी वेंस, अमेरिकी उपराष्ट्रपति (ANI Photo)
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति समझौता (Iran-US Peace Deal) तो हो गया है, लेकिन इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने स्विट्ज़रलैंड (Switzerland) नहीं जाने का ऐलान किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्विट्ज़रलैंड के बर्गनस्टॉक (Bürgenstock) में आज, शुक्रवार, 19 जून को अमेरिका और ईरान के साथ ही मध्यस्थ देश पाकिस्तान और कतर और इसमें शामिल अन्य सभी देशों की मीटिंग तय थी, लेकिन अब अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने लॉजिस्टिक्स समस्याओं के चलते अपनी यात्रा को टाल दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) की तरफ से 14-सूत्रीय शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद स्विट्ज़रलैंड में होने वाली यह मीटिंग सिर्फ एक औपचारिकता रह गई थी। ईरान की तरफ से कहा गया था कि अब इस मीटिंग की कोई ज़रूरत नहीं है जिसके बाद इसके रद्द होने के कयास भी लगाए जा रहे थे। हालांकि स्विट्ज़रलैंड के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए इस मीटिंग के होने की पुष्टि की थी, लेकिन अब वेंस के नहीं जाने से ईरान-अमेरिका वार्ता पर संशय पैदा हो गया है। दोनों देशों के बीच बातचीत को जारी रखने पर सहमति बनी है, लेकिन वेंस का स्विट्ज़रलैंड नहीं जाना कुछ हद तक हैरान करता है।
ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते से जुडी तकनीकी वार्ता जल्द ही शुरू होगी। हालांकि इसकी टाइमलाइन अभी तक तय नहीं हुई है।
ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते से इज़रायल में कई लोग खुश नहीं हैं और वो इसकी आलोचना कर रहे हैं। ऐसे में अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने इन आलोचकों पर निशाना साधा है। वेंस ने साफ कर दिया कि लेबनान का मुद्दा ईरान-अमेरिका शांति समझौते का ही हिस्सा है और इज़रायल को इसे मानना ही होगा। साथ ही वेंस ने यह भी साफ कर दिया कि इज़रायल का सबसे मज़बूत सहयोगी अमेरिका ही है और ऐसे में बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के कैबिनेट मंत्रियों और अन्य करीबियों को अमेरिका की खिलाफत नहीं करनी चाहिए।
Updated on:
19 Jun 2026 09:45 am
Published on:
19 Jun 2026 09:45 am
