
मोहसेन रेज़ाई (File Photo)
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति समझौता (Iran-US Peace Deal) होने से महीनों से चल रहे युद्ध का स्थायी अंत हो गया है और साथ ही दोनों देशों के बीच शांति स्तःपित हो गई है। अमेरिका के साथ इस शांति समझौते को ईरान अपनी जीत के तौर पर देख रहा है क्योंकि शायद ही किसी ने उम्मीद की होगी कि अमेरिका के आगे ईरान युद्ध में टिकेगा और समझौते की स्थिति आएगी, लेकिन अमेरिका को इसके लिए मजबूर होना पड़ा। ऐसे में ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसेन रेज़ाई (Mohsen Rezaei) ने एक बड़ी बात कह दी है।
रेज़ाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "ईरान के गर्व और जीत ने दुनिया के शैतानों को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया और उनके दबदबे को तोड़ दिया। यह ऐतिहासिक गाथा हमेशा याद रखी जाएगी। हम अपने शहीद सुप्रीम लीडर की हत्या का शोक मना रहे हैं और इस ज़ख्म का बदला लेने के अलावा और कोई मरहम नहीं है। हालांकि हम अपने नए सुप्रीम लीडर के साथ एकजुट होकर शांति समझौते की शर्तों के पूरा होने का इंतज़ार कर रहे हैं।"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 14-सूत्रीय शांति समझौते के तहत ईरान की जब्त संपत्ति को छोड़ने का भी फैसला लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि किसी दूसरे देश के फंड को हमेशा के लिए रोककर रखने से अमेरिकी डॉलर और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली पर दुनिया का भरोसा कम हो सकता है। इस फैसले का बचाव करते हुए ट्रंप ने कहा, "हमने उनकी काफी संपत्ति फ्रीज़ की हुई थी। वो पैसा हमारे पास है। हमने उनका पैसा लिया है, ऐसे में यह साफ है कि वो हमारा पैसा नहीं है, बल्कि उनका पैसा है। हमें किसी न किसी समय ईरान को वो धनराशि वापस करनी ही थी क्योंकि अगर हम ऐसा नहीं करते, तो कोई भी कभी डॉलर में निवेश नहीं करेगा।" आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले के बाद अब 300 बिलियन डॉलर की जब्त ईरानी संपत्ति छूट गई है, जिसका ईरान अब इस्तेमाल कर सकता है।
Published on:
19 Jun 2026 07:27 am
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